हरसुब्रह्म न्यास समिति पर लगा गबन का आरोप

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हरसुब्रह्म न्यास समिति पर लगा गबन का आरोप सचिव के विरुद्ध ग्रामीणों ने दिया समिति के अध्यक्ष को आवेदनसरपंच ने भी लिखा राज्य धार्मिक परिषद को पत्रसचिव कैलाशपति त्रिपाठी को हटाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी भी लिख चुके हैं पत्रप्रतिनिधि, चैनपुर (कैमूर)चैनपुर बाजार स्थित अति प्राचीन व आस्था का केंद्र हरसुब्रह्म मंदिर के पैसे के […]

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हरसुब्रह्म न्यास समिति पर लगा गबन का आरोप सचिव के विरुद्ध ग्रामीणों ने दिया समिति के अध्यक्ष को आवेदनसरपंच ने भी लिखा राज्य धार्मिक परिषद को पत्रसचिव कैलाशपति त्रिपाठी को हटाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी भी लिख चुके हैं पत्रप्रतिनिधि, चैनपुर (कैमूर)चैनपुर बाजार स्थित अति प्राचीन व आस्था का केंद्र हरसुब्रह्म मंदिर के पैसे के गबन का मामला सामने आया है. हरसुब्रह्म न्यास समिति के सचिव पर ग्रामीणों ने दान के पैसे के गबन का आरोप लगाया है. यह मंदिर वर्षों से बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अधीन है. मंदिर की देखरेख की जिम्मेवारी हरसुब्रह्म स्थान न्यास समिति को इसके गठन के उपरांत दिया गया. शुरुआत के वर्षों में तो इस समिति द्वारा अपनी जिम्मेवारी बखूबी निभायी गयी, लेकिन कुछ वर्षों से यह समिति विवादों में है. न्यास समिति के सचिव कैलाशपति त्रिपाठी के विरुद्ध चढ़ावे व चंदे की राशि के गबन का आरोप लगाते हुए 100 से भी अधिक लोगों का हस्ताक्षरित आवेदन न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी चौधरी मुरली मनोहर प्रसाद राय को दिया गया है.चंदा व दानपेटी की राशि में घोटाला ग्रामीणों द्वारा दिये गये आवेदन में मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया गया है. आवेदन से यह स्पष्ट है कि सचिव द्वारा मंदिर निर्माण में चंदा के रूप में रुपये लिये गये हैं. कहीं भी इस आय का लिखित विवरण दर्ज नहीं है. कुछ दिन पूर्व खुले दानपेटी से निकले तीन लाख से अधिक की राशि में से समिति के खाते में सिर्फ दो लाख 18 हजार नौ सौ रुपये ही जमा कराये गये, जबकि पूरी राशि आधिकारिक आदेशानुसार समिति के खाते में जमा करवाना था. नहीं है आय-व्यय का ब्यौरा लोगों का आरोप है कि न्यास समिति के आड़ में इस मंदिर में चढ़ावे की राशि का लगातार गबन जारी है. सचिव कैलाशपति त्रिपाठी से जब भी उनके सत्र के आय-व्यय का ब्यौरा मांगा जाता है, तो उनके द्वारा कभी भी इसका विवरण नहीं दिया जाता. श्रीरामचरित मानस यज्ञ में भी डाला व्यवधान हरसुब्रह्म मंदिर परिसर में लगातार 45 सालों से हो रहे श्रीरामचरित अखंड नवाह्न पाठ व यज्ञ को रोकने का भी आरोप लगाया गया है. सचिव के इस कृत्य से जनाक्रोश को भड़कते देख प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ सत्येंद्र परासर और तत्कालीन थानाध्यक्ष वीरेंद्र पासवान के द्वारा बैठक कर इस बवाल को निबटाया गया, तब जाकर पूरा मामला शांत हुआ.बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष किशोर कुणाल द्वारा हरसुब्रह्म मंदिर मंदिर में चढ़ने वाले चढ़ावे को 60 और 40 में बंटवारे की बात कही गयी थी. इसमें चढ़ावे से होने वाली आय को 60 प्रतिशत पारिवाल और 40 प्रतिशत न्यास समिति में बंटवारा होना था. लेकिन, इस आदेश के कई वर्ष बाद भी इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है. अनुमंडल पदाधिकारी भी सचिव के विरुद्ध लिख चुके हैं पत्रहरसुब्रह्म मंदिर न्यास समिति के तत्कालीन अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भी बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष को पत्र लिख सचिव पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की गयी थी.

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