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Kaimur News : बरसात में जिले में लगाये जायेंगे 15 लाख पौधे

Updated at : 21 Jun 2025 8:51 PM (IST)
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Kaimur News : बरसात में जिले में लगाये जायेंगे 15 लाख पौधे

सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल जीवन हरियाली अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष के इस बरसात में जिले में कुल 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

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भभुआ. सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल जीवन हरियाली अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष के इस बरसात में जिले में कुल 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें से वन प्रमंडल कैमूर द्वारा साढ़े 11 लाख पौधारोपण तथा मनरेगा विभाग से साढ़े तीन लाख पौधारोपण किये जाने का लक्ष्य है. गौरतलब है कि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार द्वारा इधर कुछ वर्षों से बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने का अभियान राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है. इसमें कैमूर जिला भी शामिल है. कैमूर में पौधारोपण का काम मनरेगा के अलावा वन प्रमंडल के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर किया जाता रहा है. इस संबंध में पूछे जाने पर वन प्रमंडल पदाधिकारी कैमूर चंचल प्रकाशम ने बताया कि इस बार वन प्रमंडल कैमूर द्वारा वन प्रक्षेत्र सहित अन्य जगहों पर भी साढ़े 11 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए गड्ढा खोदने आदि की आरंभिक तैयारी भी शुरू करा दी गयी है. उन्होंने बताया कि वन प्रक्षेत्र के करमचट से लेकर मकरी खोह, बहेरा, सारोदाग सहित वन प्रक्षेत्र के 13 प्लाटों को विभागीय पौधारोपण के लिए चयनित किया गया है. इसके अलावा विभिन्न पथों के किनारे भी पौधारोपण कराया जायेगा. इधर, मनरेगा के तहत लगाये जाने वाले पौधों के बारे में जानकारी देते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी मनरेगा संजय कुमार ने बताया कि चालू माॅनसून सत्र में सरकार स्तर से मनरेगा से तीन लाख 51 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पौधारोपण जल संरचनाओं जैसे तालाब, पोखर, आहर, पइन के किनारे, ग्रामीण विकास विभाग के पथों के किनारे तथा सरकारी भूमि जैसे विद्यालय, पंचायत भवन आदि सहित निजी भूमि पर भी कराया जायेगा. गत वर्ष जिन सड़कों के किनारे शत प्रतिशत पौधारोपण कराया जा चुका है, तो इस वर्ष ऐसी सड़कों को छोड़कर अन्य सड़कों का चयन पौधारोपण कराने के लिए किया जायेगा. मनरेगा विभाग जीविका समूह के विभिन्न प्रखंडों में स्थित नर्सरी से पौधे खरीदेगा. मनरेगा द्वारा जीविका समूह को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर प्रति पौधों की राशि का भुगतान भी किया जायेगा. इन्सेट पौधारोपण अभियान में पहाड़ी प्रखंड अधौरा नहीं है शामिल भभुआ. चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा से पौधारोपण अभियान में जिले का अधौरा प्रखंड शामिल नहीं है. जानकारी के अनुसार वनों से आच्छादित इस प्रखंड में वृक्षों की संख्या अन्य प्रखंडों के अनुपात से कहीं अधिक पूर्व से ही चली आ रही है. जिले में पर्यावरण के दृष्टि से भी अधौरा प्रखंड अग्रणी प्रखंडों में माना जाता है. इसलिए इस अभियान में अधौरा प्रखंड को शामिल नहीं किया गया है. जहां तक शेष 10 प्रखंडों की बात है, तो मनरेगा से भभुआ प्रखंड में लगभग 57 हजार, भगवानपुर में लगभग 23 हजार, चैनपुर में लगभग 42 हजार, चांद प्रखंड में लगभग 31 हजार, दुर्गावती प्रखंड में लगभग 34 हजार, कुदरा प्रखंड में लगभग 36 हजार, मोहनिया प्रखंड में लगभग 47 हजार, नुआंव प्रखंड में लगभग 26 हजार, रामगढ़ प्रखंड में लगभग 31 हजार तथा रामपुर प्रखंड में लगभग लगभग 23 हजार पौधारोपण का लक्ष्य जिला स्तर पर निर्धारित किया गया है. पौधारोपण में फलदार व पर्यावरणीय पौधों को भी किया गया है शामिल भभुआ. जल जीवन हरियाली अभियान के तहत लगाये जाने वाले पौधों में काष्ठ प्रजाति के पौधों के अलावा फलदार और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी पौधों को भी शामिल किया जायेगा. इसे लेकर सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों द्वारा पंचायत वार रोपण के लिए पौधों का डिमांड भी मनरेगा विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. इसके तहत लगभग 26 हजार पौधे फलदार लगाये जाने हैं. इन फलदार पौधों में आम, जामुन, अमरूद, शरीफा, बेल, आंवला, नीबूं, अनार से लेकर कटहल जैसे पौधों का भी रोपण कराया जायेगा. जबकि, दो लाख 87 हजार पौधे काष्ठ प्रजाति के लगाये जायेंगे. इसमें शीशम, सागौन, महुआ, कदम , गम्हार आदि पौधे शामिल होंगे. इसी तरह पर्यावरणीय तथा अन्य प्रजाति के पौधों का भी रोपण मनरेगा से कराया जायेगा. इसमें पर्यावरण के दृष्टि से उपयोगी पौधों में ऑक्सिजन देने वाले पौधे पीपल, नीम सहित इमली, बबूल, खैर आदि के भी पौधे लगाये जायेंगे. वन प्रक्षेत्र के ग्रामीणों को भी उपलब्ध कराया जायेगा पौधा भभुआ. वन प्रमंडल कैमूर पौधारोपण अभियान में वन प्रक्षेत्र या तलहटी वाले इलाके के गांव के ग्रामीणों को भी पौधे उपलब्ध करायेगा. इस संबंध में डीएफओ चंचल प्रकाशम ने बताया कि वन प्रक्षेत्र के गांवों में इच्छुक परिवारों को पौधा उपलब्ध कराया जायेगा. साथ ही कृषि वानकी योजना के तहत किसानों को भी पौधा उपलब्ध कराया जायेगा. किसान इन पौधों को अपने खेतों के मेड से लेकर अपने घर की चहारदीवारी या अपने किसी निजी जमीन पर लगा सकते हैं. उन्होंने बताया कि पौधारोपण के लिए स्थायी विक्रय केंद्र सहित चलंत विक्रय केंद्र भी चालू कराये जायेंगे, जहां से इच्छुक लोग प्रति पौधे का निर्धारित शुल्क देकर पौधों को प्राप्त कर सकेंगें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRABHANJAY KUMAR

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