कैमूर में मुख्यमंत्री ने 66898 लाख की योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास, कहा-हर तबके का किया उत्थान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कैमूर : जल-जीवन-हरियाली यात्रा के तीसरे चरण के पहले दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैमूर के मुण्डेश्वरी धाम पहुंचे. यहां उन्होंने 66897.69 लाख की लागत से जागरूकता सम्मेलन एवं विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज के हर तबके का उत्थान किया. साथ ही उन्होंने कहा कि आपस में प्रेम और भाईचारे बना कर रखें.

जल-जीवन-हरियाली को लेकर जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले 13 वर्षों का औसत वर्षापात 901 मिमी रहा है. पिछले कुछ वर्षों से बारिश में कमी आयी है. बिहार में पहले औसत वर्षापात 1200 से 1500 मिमी होता था. मॉनसून की शुरुआत पहले 17 जून को हो जाती थी, लेकिन अब नहीं होती. मॉनसून में तेजी से परिवर्तन हुआ है. पिछले साल 534 प्रखंड सूखाग्रस्त घोषित किये गये थे. हमें पर्यावरण के संकट से छुटकारा पाना है. जुलाई में बिहार के 12-13 जिलों में भारी बारिश हुई. जल है, हरियाली है, तभी जीवन है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक आहर, पईन, कुएं, तालाब और चापाकल का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है. कुएं और चापाकल के बगल में सोख्ता का भी निर्माण होगा. जंगल, पहाड़ी और छोटी नदियां के जल संरक्षण हेतु चेक डैम का भी निर्माण कराया जायेगा. जीवन संरक्षण के लिए जल और हरियाली दोनों अहम हैं. सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर काम हो रहा है.

हरियाली के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 19 करोड़ पौधे लगाये गये हैं. अब बिहार का हरित आवरण 15 फीसदी हो गया है. हर सड़क के किनारे पौधे लगाये जायेंगे. बिहार में हरित आवरण मात्र नौ फीसदी था. मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. फसल अवशेष को जलाना नहीं चाहिए. फसल अवशेष का उपयोग चारा के रूप में किया जाये. फसल अवशेष को जलाने से पर्यावरण पर संकट होता है. फसल अवशेष से भी आमदनी हो, इसकी भी कार्ययोजना तैयार की जायेगी. फसल जलाने से प्रदूषण फैलता है. फसल जलाने की बीमारी दूसरे राज्यों से आयी है. पंजाब और हरियाणा की बीमारी बिहार में आयी. मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के संबंध में कहा कि हमने बिजली सभी जगहों पर पहुंचायी. सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है. सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन दिया. सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाये जा रहे हैं. साल 2018 तक हर घर बिजली पहुंचायी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हम करेंगे. सरकार के खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है. पर्यावरण का संकट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. 30 सालों में औसत बारिश 1027 मिमी हुई है. तालाब, पोखरों और पईन को अतिक्रमणमुक्त कराना होगा. उत्तर बिहार में हमने आपदा पीड़ितों को काफी मदद की थी. तीन सालों में आठ करोड़ पौधा लगाने का लक्ष्य है. सूखे पर हमने तुरंत सहायता की शुरुआत की. हमने प्रति परिवार 6,000 रुपये की मदद की. कोयले के भरोसे ज्यादा दिनों तक बिजली उत्पादन संभव नहीं है.

हमलोग समाज सुधार का काम कर रहे हैं. शराबबंदी लागू होने से लोगों के घरों की स्थिति अच्छी हुई है. सूखे के लिए तत्काल सहायता योजना की शुरुआत की. अल्पवृष्टि में नौ लाख 22 हजार परिवारों को मदद दी गयी.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह की वजह से बच्चे बौनेपन की शिकार होते हैं. शराबबंदी से कुछ लोगों को हमसे दिक्कतें हैं. पहले लोग कमाई का आधा हिस्सा शराब पर लुटाते थे. 19 जनवरी को जल-जीवन-हरियाली के पक्ष में मानव शृंखला आयोजित की जा रही है. 16 हजार किमी से भी ज्यादा मानव शृंखला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बाल-विवार पर रोक और दहेजबंदी पर भी अभियान चलेगा. शराबबंदी पर अध्ययन करने राजस्थान की टीम बिहार आयी. हमारी योजनाओं को देश ने अपनाया है. काम की आलोचना करने से कोई फर्क नहीं. बिल गेट्स ने जल-जीवन-हरियाली पर हमारे अभियान को सराहा. बिल गेट्स की सहायता हमें कई कामों में मिला है. बिहार में भू-जल का स्तर नीचे नहीं जाने देंगे. बिल गेट्स को जलवायु परिवर्तन के बारे में बताया. हमने कई योजनाओं की शुरुआत की. बिहार में मौसम में परिवर्तन की स्थिति कम-से-कम हो. जल-जीवन-हरियाली के पक्ष में 19 जनवरी को बननेवाले मानव शृंखला में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से अपील की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां मुंडेश्वरी मंदिर जाने के लिए रोप-वे के निर्माण की स्वीकृति दी गयी है. समाज के हर तबके का उत्थान हमने किया. नारी शक्ति का कल्याण और पिछड़ों के उत्थान पर हमने काम किया. जल-जीवन-हरियाली के तहत नौ क्षेत्रों में काम किया. आपस में प्रेम और भाईचारे बनाकर रखें. किसान के नुकसानों को बिहार सरकार पूरा करेगी. मां मुंडेश्वरी धाम में काम करना सुखद अहसास है. सात निश्चय के तहत हर घर बिजली पहुंचायी गयी. कब क्या नुकसान होगा, कहना मुश्किल है.

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