पीएम आवास योजना में सबसे निचले पायदान पर अधौरा प्रखंड
Author Prabhat khabar digital desk
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भभुआ : प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में जिले में सबसे निचले पयदान पर अधौरा प्रखंड चल रहा है. जियो टैग में कोताही बरतने को लेकर जहां कुछ आवास सहायकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है, वहीं कुछ आवास सहायकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है. गौरतलब है कि पीएम आवास योजना में सबसे निचले पयदान […]
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भभुआ : प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में जिले में सबसे निचले पयदान पर अधौरा प्रखंड चल रहा है. जियो टैग में कोताही बरतने को लेकर जहां कुछ आवास सहायकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है, वहीं कुछ आवास सहायकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है. गौरतलब है कि पीएम आवास योजना में सबसे निचले पयदान पर चल रहे अधौरा प्रखंड के कारण राज्य स्तर पर भी जिले की रैकिंग प्रभावित होती रही है.
इसका जिक्र कई बार प्रशासनिक पत्रों में भी किया जा चुका है. ताजा जानकारी के अनुसार, बीडीओ द्वारा प्रखंड के ग्रामीण आवास सहायकों को जारी पत्र में कहा गया है कि लक्ष्य के अनुरूप आवास योजना में प्रगति नहीं होने से पूरे जिले में अधौरा निचले पायदान पर है. विभागीय स्तर पर लगातार योजना की समीक्षा में यह पाया जा रहा है. आवास सहायकों द्वारा बताया जाता है कि प्रथम किस्त की राशि लेने के बाद लाभुकों द्वारा आवास का निर्माण नहीं किये जाने के कारण उन्हें अगली किस्त की राशि उपलब्ध नहीं करायी जा रही है.
जबकि, स्थानीय निरीक्षण और ग्रामीणों द्वारा प्राप्त जानकारी में बताया जाता है कि बहुत से लाभुकों द्वारा राशि प्राप्त करने के बाद आवास का निर्माण कराया जा चुका है. लेकिन, आवास सहायकों द्वारा आवासों का जियो टैगिंग नहीं किये जाने के कारण बहुत से लाभुकों को दूसरी या तीसरी किस्त की राशि समय से नहीं मिल रही है. इससे आवासों के पूर्णता की स्थिति बाधित हो जा रही है.
सड़की व कोल्हुआं के आवास सहायकों से स्पष्टीकरण
अधौरा प्रखंड में बदहाल चल रही पीएम आवास योजना ग्रामीण को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रखंड की सड़की पंचायत के आवास सहायक उपेंद्र कुमार व कोल्हुआ पंचायत के आवास सहायक मृत्युजंय कुमार सिंह से स्पष्टीकरण पूछा गया है. इसमें कहा गया है कि लाभुकों द्वारा आवास निर्माण कराये जाने के बाद भी पंचायत में जियो टैगिंग में घोर लापरवाही बरती जा रही है. इससे समय से लाभुकों को अगली किस्त की राशि नहीं मिल पा रही है. यही नहीं आवास योजना से संबंधित कागजात भी प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं.
लगता है कि जानबूझ कर आपके द्वारा पीएम आवास योजना को विफल करने का प्रयास किया जा रहा है. क्यों नहीं आपको सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने का दोषी माना जाये. बीडीओ ने दोनों पंचायतों के ग्रामीण आवास सहायकों से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है.
आवास सहायकों को जारी की गयी चेतावनी
इधर, प्रखंड में आवास योजना की खराब प्रगति को लेकर बिफरे बीडीओ ने आवास सहायकों को चेतावनी पत्र भी जारी कर दिया है. इसमें कहा गया है कि आवास योजना में जियो टैगिंग समय से नहीं किया जाना आपके स्वेच्छाचारिता, सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने का मामला है.
साप्ताहिक बैठकों में आवास सहायकों से डायरी की भी मांग की जाती है. लेकिन, किसी भी पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक द्वारा डायरी उपलब्ध नहीं करायी जाती है, जो वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना है. निर्देशित किया जाता है कि ग्रामीण आवास सहायक डायरी संधारण कर अगली बैठक में उपस्थित हों और 15 दिन के अंतराल पर स्त्यापित कराना सुनिश्चित करें.
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