Junior Doctors Strike : मरीजों की चीख पुकार से गूंज रहा इमरजेंसी वार्ड, न इलाज और न दर्द दिखाने की छूट, PMCH में फोटो-वीडियो खींचने पर लगी पाबंदी

Updated at : 28 Dec 2020 8:27 AM (IST)
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Junior Doctors Strike : मरीजों की चीख पुकार से गूंज रहा इमरजेंसी वार्ड, न इलाज और न दर्द दिखाने की छूट, PMCH में फोटो-वीडियो खींचने पर लगी पाबंदी

डॉक्टरों की क्षमता से कई गुणा अधिक मरीज इमरजेंसी में हैं. सभी मेडिकल कॉलेजों की इमरजेंसी में चीख पुकार सुनने को बार-बार मिल रही है. इलाज के अभाव में मरीज तड़प रहे हैं और परिजन डॉक्टरों को तलाश रहे हैं.

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पटना. राज्य भर के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही. लगातार पांच दिनों से चल रही इस हड़ताल के कारण सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है.

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत राज्य भर के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में भर्ती मरीज कराह रहे हैं. उनका इलाज बाधित हो रहा है.

इधर, पीएमसीएच प्रशासन ने परिसर में फोटो-वीडियो खींचने से मना करता एक पर्चा कई जगहों पर चिपकाया है. इसमें पीएमसीएच के सभी वार्डों, इमरजेंसी, आइसीयू आदि जगहों पर फोटो खींचने और वीडियो बनाने से मना किया गया है.

इसको लेकर पिछले कई दिनों से चर्चा का बाजार गर्म है कि आखिर पीएमसीएच अपनी क्या कमियां छिपाना चाहता है, जिसको लेकर यह पर्चा साटा गया है. पिछले कुछ दिनों में फोटो खींचने को लेकर पीएमसीएच परिसर में दो पत्रकारों को बुरी तरह पीटा भी गया था.

उधर कई परिजनों का आराेप है कि इलाज के अभाव में उनके मरीज की मौत हो चुकी है. हाल यह है कि इमरजेंसी में चंद सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के भरोसे दर्जनों मरीजों का इलाज हो रहा है.

डॉक्टरों की क्षमता से कई गुणा अधिक मरीज इमरजेंसी में हैं. सभी मेडिकल कॉलेजों की इमरजेंसी में चीख पुकार सुनने को बार-बार मिल रही है. इलाज के अभाव में मरीज तड़प रहे हैं और परिजन डॉक्टरों को तलाश रहे हैं.

पीएमसीएच, एनएमसीएच सहित राज्य भर के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ऑपरेशन या सर्जरी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कुछ केस को छोड़ दिया जाये तो सभी बड़े ऑपरेशन टाल दिये गये हैं.

इमरजेंसी में भी आम दिनों की अपेक्षा बहुत कम ऑपरेशन हो रहे हैं. कई गंभीर मरीजों के ऑपरेशन भी जूनियर डॉक्टरों के नहीं रहने के कारण टाल दिये गये हैं. इससे मरीजों की जान पर संकट छाया हुआ है.

पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने दावा किया है कि रविवार को न के बराबर ऑपरेशन हुए हैं. लेबर रूम या प्रसव विभाग में भी जूनियर डॉक्टरों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है. पेडियाट्रिक्स इमरजेंसी में भी छोटे-छोटे बच्चों को इलाज में परेशानी हो रही है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी

पीएमसीएच प्रशासन ने रविवार को हड़ताल को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी किया है. इसमें कहा गया है कि कॉलेज के पीजी छात्र बिना किसी सूचना या अग्रिम नोटिस के आपके संघ के बैनर तले 23 दिसंबर से कार्य बहिष्कार-हड़ताल पर हैं.

मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय सुविधाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं. कई बार की बातचीत और सरकार के स्तर पर की गयी अपील के बाद भी वापस नहीं लौटे हैं.

यह सब पटना हाइकोर्ट के आदेश की भी अवहेलना है. उन्हें इसमें चेतावनी दी गयी है कि तुरंत काम पर नहीं लौटने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के लिए हाइकोर्ट से प्रार्थना की जायेगी.

मोमबत्ती जुलूस निकाल कर जूनियर डॉक्टरों ने जताया विरोध

पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल के पांचवें दिन रविवार की शाम छह बजे से मोमबत्ती जुलूस निकाला.

पीएमसीएच प्राचार्य कार्यालय के पास से निकला यह जुलूस गेट नंबर एक तक गया. इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने बैनर पोस्टर भी अपने हाथों में ले रखा था.

Posted by Ashish Jha

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