जहानाबाद नगर. एनएमओपीएस जिला इकाई संघ द्वारा पुरानी पेंशन लागू कराने के लिए हॉस्पिटल मोड़ से कारगिल चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया. मशाल जुलूस में उपस्थित नेताओं ने कहा कि बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन 2005 से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बंद कर दिया गया है तथा उसके स्थान पर एनपीएस- यूपीएस लागू किया गया है, जो कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ क्रूर मजाक एवं छलावा है. सभी सांसद-विधायक अपने 4-4 पेंशन लेते है, चाहे एक दिन के लिए ही माननीय का पद ग्रहण किया हो और वहीं कर्मचारियों, शिक्षकों ने अपने जिंदगी का 40 साल अर्थात 60 बर्ष उम्र तक सरकार की सेवा करने के बाद बुढ़ापे में दर -दर भटने के लिए छोड़ दिया है. वर्तमान सरकार की इस नीति के खिलाफ सभी विभाग के तमाम कर्मचारियों, शिक्षकों ने सरकार के सभी नेताओं को सबक सिखाने का संकल्प लिया है. नेताओं ने चेताया कि आने वाला विधानसभा चुनाव में सरकार को अपने हक के समर्थन में सबक सिखाएंगे. नेताओं के कहा की जो पेंशन की बात करेगा, वही बिहार में राज करेगा. सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा एनपएस-यूपीएस लागू करना शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा छलावा है. नेताओं ने बताया कि 14 सितंबर को मिलर हाइस्कूल पटना के मैदान में विशाल पेंशन महारैली है जिसमें सूबे के सभी एनपीएस कर्मचारी जुटेंगे. सभा को सम्बोधित करने वालों में विजय कुमार बंधु, प्रेम सागर, विक्रांत कुमार सिंह, प्रदीप ठाकुर, प्रज्ञा, मृत्युंजय कुमार, संतोष वर्मा शामिल हैं. मशाल जुलूस में शामिल विशाल कुमार, राकेश कुमार, पीके मौर्य, मीणा कुमारी, पूजा कुमारी, नीलम यादव, शशिकांत कुमार, उज्जवल कुमार, राम उदय कुमार, राम प्रसाद, संजय कुमार, शंभू कुमार, रामरतन कुमार, मुकेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, मुकेश कुमार, मनीष कुमार, कैलाश प्रसाद, ज्ञानप्रकाश, प्रभात, अरविंद कुमार राकेश , संदीप पासवान, दानिश अकबर, नीलकमल चौधरी, सुजीत कुमार, धनंजय कुमार, राकेश कुमार, गणेश कुमार सहित सैंकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे.
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