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मात्र दो लाख के लिए 14 महीने से चालू नहीं हो सका ऑक्सीजन प्लांट

Updated at : 24 Aug 2024 10:51 PM (IST)
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मात्र दो लाख के लिए 14 महीने से चालू नहीं हो सका ऑक्सीजन प्लांट

सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत पिछले एक साल से अधिक समय में भी नहीं करायी जा सकी है. पंद्रह महीने से अधिक समय से ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ा है. गत वर्ष अप्रैल महीने में ही प्लांट का कंप्रेसर खराब हो गया था, जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन के उत्पादन के साथ साथ उसकी सप्लाई भी बंद हो गई थी. उसके बाद से अभी तक ऑक्सीजन प्लांट बंद है.

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जहानाबाद . सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत पिछले एक साल से अधिक समय में भी नहीं करायी जा सकी है. पंद्रह महीने से अधिक समय से ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ा है. गत वर्ष अप्रैल महीने में ही प्लांट का कंप्रेसर खराब हो गया था, जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन के उत्पादन के साथ साथ उसकी सप्लाई भी बंद हो गई थी. उसके बाद से अभी तक ऑक्सीजन प्लांट बंद है. पिछले 14 महीने में भी स्वास्थ्य विभाग से जहानाबाद सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत नहीं हो सकी है, जिसके कारण सदर अस्पताल के मरीजों को उस प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. खराब क्रपेंसर के अलावा प्लांट में और भी कई खामियां बतायी जा रही हैं जिसे ठीक करने में भारी खर्च बताया जा रहा है. सदर अस्पताल के प्रबंधन का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए जरूरी कम से कम दो लाख रुपये के खर्च के लिए सदर अस्पताल के पास फंड नहीं है. सदर अस्पताल के पास तो उतनी राशि नहीं ही है और न ही जिला स्वास्थ्य समिति के पास उतनी राशि है. डीपीएम खालिद हुसैन का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करने में करीब दो लाख रुपये का खर्च आयेगा, जिसे वहन करने में फिलहाल जिला स्वास्थ्य समिति सक्षम नहीं है. ऑक्सीजन प्लांट के खराब कंप्रेसर को बदलने के लिए अहमदाबाद से कांटेक्ट किया गया था किंतु अहमदाबाद के द्वारा बताया गया है कि उसका पैसा जमा कराये जाने के बाद ही वहां से इंजीनियर भेज कर उसे ठीक कराया जायेगा, नहीं तो जिला स्वास्थ्य विभाग प्रबंधन के द्वारा अहमदाबाद को पैसा भेजा गया और नहीं वहां से ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए किसी इंजीनियर को जहानाबाद भेजा गया, जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट पिछले 14 महीने से ठप है जिसके कारण प्लांट से सप्लाई भी उतने ही महीने से ठप है. सारी वस्तु स्थिति की जानकारी राज्य स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय को दी गयी है. अब राज्य स्वास्थ्य समिति से फंड आने अथवा राजस्तर से ही उसे ठीक करने का इंतजार किया जा रहा है, किंतु पंद्रह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा भी अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. कोरोना की दूसरी लहर के बाद लगाया गया था ऑक्सीजन प्लांट : वर्ष 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत के बाद केंद्र सरकार के द्वारा बिहार के अन्य जिलों के साथ जहानाबाद के सदर अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था, ताकि मरीजों को निर्वाध ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके. ऑक्सीजन प्लांट लगाने के बाद अस्पताल की इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग, लेबर रूम, चाइल्ड वार्ड, एसएनसीयू में ऑक्सीजन की पाइप में बिछायी गयी थी, जिससे डायरेक्ट ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी, अब चुकी सदर अस्पताल पीकू वार्ड में शिफ्ट हो चुका है. पीकू वार्ड तक भी ऑक्सीजन प्लांट से सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है, किंतु प्लांट के ठप रहने से अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्लांट से नहीं हो पा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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