ePaper

Jehanabad : कोर्ट स्टेशन पर पिता के साथ नीट की छात्रा ने ली थी आखिरी सेल्फी

Updated at : 21 Jan 2026 10:53 PM (IST)
विज्ञापन
Jehanabad : कोर्ट स्टेशन पर पिता के साथ नीट की छात्रा ने ली थी आखिरी सेल्फी

चित्रगुप्त नगर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर आज कई सवाल उठाये जा रहे हैं.

विज्ञापन

जहानाबाद. चित्रगुप्त नगर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर आज कई सवाल उठाये जा रहे हैं. सवालों के घेरे में हर रोज एक नई कहानियां गढ़ी जा रही हैं. मौत का तार कहां से जुड़ा है, इस असलियत को जानने के लिए अब आमजन भी बेचैन हैं. पुलिस की तफ्तीश हर रोज हो रही है, एसआइटी की टीम मृतक के गांव में अब तक कई बार दस्तक दे चुकी है. गांव वालों के साथ घंटों बैठ कर सच्चाई से रू-ब-रू होने के लिए हर बात को गौर से सुन कर उस पर जांच करते हुए आगे बढ़ रही है. परिजनों की मानें तो पुलिस जांच में चाहे जितना भी देर हो लेकिन सच्चाई तो यही है कि उसकी मौत में हॉस्टल मालिक और संचालकों का ही हाथ है. आज भी मृतक के परिजन इस बात से नाराज हैं कि सचमुच अगर मेरी बेटी की तबीयत खराब थी तो हॉस्टल संचालक और वार्डेन ने इसकी सूचना पहले मुझे क्यों नहीं दी, तबीयत बिगड़ने की बात मुझसे क्यों छुपाये रखी. सच तो यह है कि 6 तारीख की सुबह जब मृतक की मां अपनी बेटी को सुबह 7 बजे कॉल लगाई थी तो उसका फोन स्लिप मोड में होने के कारण नहीं उठ सका था जिससे ये लोग असहज नहीं हुए लेकिन देर शाम जब 5:14 बजे छात्रा के पिता के मोबाइल पर उनके परिचित रिटायर्ड फौजी का कॉल आया तो पिता ने पूछा कि आपका समाचार ठीक है…, उस पर फौजी ने कहा मेरा तो ठीक है लेकिन आपका अच्छा नहीं है और इतना कहते ही पूरी बात बतायी. साथ ही कहा कि हॉस्टल की वार्डेन नीतू और चंचला के द्वारा आपकी बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मुझे दी गयी है. जबकि उसके पिता और परिजनों का नंबर हॉस्टल में मौजूद था. आनन-फानन में पिता ने अपने परिचितों को डॉ सहजानंद के पास बेटी को देखने के लिए भेजा तो एक चौकी पर बेटी बेसुध पड़ी थी जिसे वहां के डॉक्टरों ने गायनी स्पेशलिस्ट से इलाज की सलाह दी थी. सभी की सहमति से छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया जहां दो दिनों तक बेहोश होने के बाद होश में आने पर बेटी ने अपनी मां को उसके साथ गलत होने की हामी भरी थी जहां परिजनों को अपनी बेटी से मिलने में भी काफी फजीहत का सामना करना पड़ा. ‘जब तक आरोपितों को फांसी नहीं बेटी को नहीं मिलेगी शांति’ परिजनों की मानें तो छात्रा अपनी मां के साथ गांव से ऑटाे पकड़कर मखदुमपुर स्टेशन पहुंची थी जहां से ट्रेन पकड़कर वह जहानाबाद कोर्ट स्टेशन पहुंची और उस ट्रेन को छोड़ कर स्टेशन पर ही अपने पिता के आने का इंतजार करने लगी. दरअसल मृत छात्रा के पिता शकुराबाद स्थित एक हाइस्कूल में प्रधान लिपिक हैं जो विद्यालय से होते हुए अपनी बेटी से मिलने कोर्ट स्टेशन पहुंचे और उसे 11 हजार रूपये नकद, तिलकुट और दालमोट देकर हंसी-खुशी विदा किया था. उस दिन बेटी ने अपने पिता के साथ स्टेशन पर भी अपने फोन से आखिरी सेल्फी ली जिसे देखकर पिता फफक कर रोने लगे और बोले कि मेरी बेटी को जल्लादों ने हवस का शिकार बनाया है. जब तक इन आरोपियों को फांसी नहीं मिल जाती तब तक उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी. दोपहर 01:43 बजे कोर्ट स्टेशन पहुंची ट्रेन पर सवार होकर छात्रा 5 जनवरी को करीब 4 बजे हॉस्टल पहुंची थी और देर रात 9 बजे अपनी मां से बात कर रोटी-सब्जी खाने की बात बताई थी. पिता ने कहा कि इस षडयंत्र में हॉस्टल की वार्डेन नीतू ठाकुर और चंचला समेत हॉस्टल की संचालक नीलम अग्रवाल का हाथ है जो अपनी गहरी पैठ के कारण अभी तक पुलिस-प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं. इन सभी की गिरफ्तारी के साथ ही जब कड़ाई से पूछताछ होगी तो हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जायेगा. परिजनों ने कहा कि बेटी ने कभी भी किसी तरह की अनहोनी या विचलित करने वाली कोई अन्य बात नहीं बताई थी. जहानाबाद से मेरी बेटी और हॉस्टल के मालिक का लोकेशन मिलने की बात पुलिस बता रही है जो महज एक इत्तेफाक है. मेरी बेटी मेरे सामने कोर्ट स्टेशन पर घंटों मेरा इंतजार कर अकेली ट्रेन पकड़ी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MINTU KUMAR

लेखक के बारे में

By MINTU KUMAR

MINTU KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन