अरवल में गहराया जल संकट, सैकड़ों चापाकल सूखे, कई गांवों में पीने के पानी के लिए भटक रहे लोग

Author Nishikant kumr|Edited by Vivek Singh
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नल-जल योजना भी कई गांवों में ठप

नल-जल योजना भी कई गांवों में ठप

अरवल जिले में कम बारिश और अत्यधिक भूजल दोहन के कारण गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है. कई गांवों के चापाकल सूख गए हैं और लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं. नल-जल योजनाएं भी जगह-जगह ठप पड़ी हैं.

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Arwal Drinking Water Crisis : अरवल जिले में सामान्य से कम बारिश और लगातार गिरते भूजल स्तर ने पेयजल संकट को गहरा दिया है. जिले के कई गांवों में सैकड़ों चापाकल सूख गए हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे गांवों और निजी बोरिंग पर निर्भर होना पड़ रहा है.

Arwal News : कम बारिश और भूजल दोहन से बढ़ी परेशानी

इस वर्ष जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश होने और सिंचाई के लिए लगातार भूजल दोहन के कारण जिले के कई इलाकों में जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है. खेतों में दिन-रात मोटर चलने से भूजल पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर अब पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है.

दर्जनों गांवों में सूखे चापाकल, पानी के लिए भटक रहे लोग

अइयारा, रामपुर, गद्दोंपुर, सतवन, इमामगंज, अंगारी, परियारी, झूनाठी, नगवा, पुरैनिया, परहा, लोदीपुर, टेकारी सहित दर्जनों गांवों में सैकड़ों चापाकलों से पानी निकलना बंद हो गया है. लोग पीने के पानी के लिए उन घरों पर निर्भर हैं, जहां सबमर्सिबल या चालू चापाकल उपलब्ध है.

नल-जल योजना भी कई गांवों में ठप

जल संकट के बीच कई गांवों में नल-जल योजना भी प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही है. रामपुर के वार्ड संख्या 11 और 12 में नल-जल की टंकी केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. अइयारा के वार्ड संख्या 14 में भी नल-जल योजना बंद है, जबकि अंगारी में यह योजना संचालित है. अन्य कई गांवों में लोग निजी संसाधनों के सहारे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं.

एक महीने में दो फीट तक गिरा भूजल स्तर

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में एक महीने के भीतर भूजल स्तर करीब दो फीट तक नीचे चला गया है, जबकि मार्च से जून के बीच कई प्रखंडों में छह फीट तक गिरावट दर्ज की गई. करपी, कुर्था, बंशी, कलेर और अरवल प्रखंडों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर होने की आशंका है.

PHED का दावा- जरूरत वाले गांवों में भेजे जाएंगे टैंकर

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता अभिरंजन कुमार ने कहा कि जिन गांवों में पेयजल संकट है, वहां पानी के टैंकर भेजे जाएंगे. साथ ही जहां नल-जल योजना बाधित है, उसे जल्द ठीक कराने की कार्रवाई की जाएगी.


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