jehanabad News : वाणावर पर्वत सहित विभिन्न पिकनिक स्पॉट पर लगी रही लोगों की भीड़, हर जगह सुरक्षा रही कड़ी

नया साल 2026 के अवसर पर जिले की वाणावर पर्वत शृंखला सहित विभिन्न पिकनिक स्पॉटों पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ रही.
बाबा सिद्धेश्वरनाथ सहित विभिन्न मंदिरों में लोगों ने टेका मत्था
जहानाबाद. नया साल 2026 के अवसर पर जिले की वाणावर पर्वत शृंखला सहित विभिन्न पिकनिक स्पॉटों पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ रही. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बराबर की वादियों में लोग नववर्ष का आनंद लेते और पार्टी सेलिब्रेट करते नजर आये. वाणावर पर्वत शृंखला के पातालगंगा, गऊघाट, कौवा डोल, लोहगढ़ सहित अन्य स्थानों पर नववर्ष मनाने के लिए आने वाले लोगों की संख्या दिनभर बढ़ती रही. इससे पहले लोगों ने वाणावर पर्वत की चोटी पर स्थित ऐतिहासिक वाणावर सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन किये और जल चढ़ाकर भगवान भोलेनाथ से नए साल में सुख, समृद्धि, आरोग्य और धन वैभव की कामना की.जिले के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु नववर्ष के अवसर पर भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे. वाणावर पर्वत की चोटी पर महाभारत काल में स्थापित शिवलिंग के कारण यह स्थल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. सावन के पूरे महीने तथा हर सोमवारी इस पर्वत पर दर्शनार्थियों की संख्या काफी अधिक रहती है. पर्वत पर भगवान शिव के दर्शन के बाद श्रद्धालु पातालगंगा सहित अन्य स्थलों पर पर्वतीय शृंखला के मनोरम दृश्य का आनंद लेते हुए पिकनिक मनाते रहे.
पातालगंगा में सम्राट अशोक द्वारा बनायी गयी गुफाएं भी मौजूद हैं, जो कभी बौद्ध साधना स्थल के रूप में उपयोग होती थीं. गुफाओं की दीवारें इतनी पॉलिश की गई हैं कि भीतर खड़े व्यक्ति का प्रतिबिंब दर्पण की तरह दिखाई देता है, जो देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है. यह पूरी पर्वत श्रृंखला पर्यटन स्थल के रूप में विकसित की जा रही है और आने वाले समय में यह बिहार का प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा. नववर्ष पर हजारों श्रद्धालुओं ने वाणावर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन किये और पर्वत के नीचे पिकनिक का आनंद उठाया. इसके अलावा जिले के काली देवी मंदिर, गोरक्षणी स्थित माता मुंडेश्वरी मंदिर और शहर के प्राचीन देवी मंदिर, वराह मंदिर, दुर्गा मंदिर, लाल मंदिर, बुढ़वा महादेव स्थान, साईं मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गयी. श्रद्धालुओं ने नए साल में सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की. शहर के विभिन्न रेस्टोरेंट और होटल में भी नववर्ष पार्टी का आयोजन हुआ. लोग परिवार और मित्रों के साथ लंच और डिनर करते हुए नए साल का जश्न मनाते नजर आये.नववर्ष की घड़ी की घंटी बजते ही बुधवार की रात से ही मोबाइल पर हैप्पी न्यू ईयर संदेश और शुभकामनाओं का दौर शुरू हुआ और गुरुवार को दिनभर यह सिलसिला जारी रहा. लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते और कार्ड का आदान-प्रदान करते रहे. नववर्ष की रात कई जगहों पर लोग देर रात तक सेलिब्रेशन में शामिल रहे. युवा वर्ग के साथ ही बड़ी उम्र के लोग और परिवार के सदस्य भी इस उत्सव में भाग लेते नजर आये. सामान्य तौर पर नववर्ष पर लोग नॉनवेज का आनंद लेते हैं, लेकिन इस बार गुरुवार होने के कारण अधिकतर लोगों ने पनीर, मशरूम और शाकाहारी व्यंजन पसंद किए. होटल में भी अधिकांश लोग नॉनवेज से परहेज करते दिखाई दिये. लोगों ने बताया कि शुक्रवार को नॉनवेज की पार्टी मनायी जायेगी और उसकी तैयारी अभी से शुरू हो गयी है. नववर्ष के अवसर पर वाणावर पर्वत शृंखला और शहर के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पिकनिक और उत्सव ने जिले में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया. जिलेवासियों ने नए साल का स्वागत पूरी शांति, प्रेम और भाईचारे के साथ किया और नववर्ष 2026 को यादगार बनाया.
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