झोंपडी में मशरूम उत्पादन कर उठा सकते हैं लाभ
Published by : AMLESH PRASAD Updated At : 10 Apr 2025 10:38 PM
मशरूम उत्पादन कर जिला के किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं. गरीब किसान भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने घर के झोंपडी में मशरूम का उत्पादन कर सकता है.
अरवल. मशरूम उत्पादन कर जिला के किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं. गरीब किसान भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने घर के झोंपडी में मशरूम का उत्पादन कर सकता है. जिला में मशरूम उत्पादन का बढ़ावा जिला कृषि विभाग के बागवानी द्वारा सभी प्रखंडों में चयनित किसानों को प्रशिक्षण दिया है. जो किसान मशरूम का उत्पादन करना चाहते हैं पहले वे प्रशिक्षण लिए है. इसके लिए कृषि विभाग के जिला उद्यान द्वारा किसानों को प्रशिक्षित कर उन्हें मशरूम कि खेती के तरफ प्रोत्साहित करती हैं. मशरूम का उत्पादन भूमिहीन किसान भी अपने घर के छत पर कर सकते हैं. प्रशिक्षित भूमिहीन किसानों को 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा हैं. सहायक निदेशक उद्यान ने बताया कि किसानों के लिए यह योजना आय बढ़ाने में वरदान साबित होगा. किसान झोंपडी में मशरूम लगा सकते हैं. इसके लिए सरकार 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है. वहीं प्लास्टिक मलिचंग और शेडनेस हाउस में मशरूम उत्पादन पर 75 प्रतिशत अनुदान दे रही है. इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जायेगा जो मशरूम खेती के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. उन्हें अनुदानित दर पर किट उपलब्ध कराया जा रहा है. जिला के करपी, राजा बिगहा और बंशी के किसान झोंपडी में मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं. इसके आलावा सोनवर्षा, कोरियम, शेखपुरा के किसान आत्मा के द्वारा अरवल प्रखंड के गद्दोंपुर, कलेर, गद्दोंपुर पहलेजा के किसान भी मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं. किसानों के कड़ी मेहनत तथा अच्छे भाव मिलने के कारण मशरूम की खेती फायदे का सौदा साबित होने लगी. मशरूम का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके किसान संतोष कुमार ने कहा कि किसान सीमित संसाधन में मशरूम की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. कम जगह में अधिक से अधिक फायदा देने वाली यह खेती कई किसानों के आय का जरिया बन रही है. जिला उद्यान कार्यालय में देना होगा आवेदन
सरकार ने मशरूम उत्पादन के लिए जो योजनाएं संचालित की हैं. इसका लाभ लेने के लिए किसानों को प्रशिक्षित होना आवश्यक होगा. प्रशिक्षित किसान ही इस योजना के हकदार माने जायेंगे. किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान आवेदन के साथ जमीन की अद्यतन रसीद, किसान पंजीयन रसीद, आधार कार्ड व अपना फोटो देना अनिवार्य होगा. मशरूम उत्पादन के लिए जिला के किसानों को पंद्रह हजार कीट बांटे गये है. कीट पर 90 प्रतिशत अनुदान मिला है.
क्या कहते हैं अधिकारी मशरूम उत्पादन कर यहां के किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. इसका लाभ लेने के लिए किसानों को पहले प्रशिक्षण लेना होगा. रूपेश कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक, उद्यान, अरवलडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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