संदेहास्पद स्थिति में महिला की मौत, घर के पीछे मिला शव

गरही थाना क्षेत्र के कुड़वाटांड़ गांव में एक महिला की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी. सोमवार सुबह घर के ठीक पीछे महिला का शव बरामद किया गया.
खैरा . गरही थाना क्षेत्र के कुड़वाटांड़ गांव में एक महिला की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी. सोमवार सुबह घर के ठीक पीछे महिला का शव बरामद किया गया. परिजन महिला के हत्या की आशंका जाता रहे हैं. मृतका की पहचान गांव की स्व. संजय रविदास की 40 वर्षीय पत्नी फुलवा देवी के रूप में की गयी है. बताया जाता है कि गांव में किसी की शादी थी. रविवार शाम संध्या 6:00 बजे के बाद इस बीच फुलवा देवी अचानक लापता हो गयी. परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन महिला का कुछ भी पता नहीं चल सका. सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बताया कि महिला का शव उसके घर के ठीक पीछे पड़ा हुआ है. इसके बाद परिजन वहां पहुंचे. बताया जाता है कि महिला बेंगलुरु में रहकर एक लोहा फैक्ट्री में मजदूरी करती थी. बीते 13 जनवरी को वह किसी काम से घर ग्यी थी. इसी दौरान गांव में एक शादी थी और वह शादी समारोह में शामिल होने के लिए रुक गयी थी. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची. पुलिस की टीम ने शव को अपने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है. वही मामले की बेहतर जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई तरह के साक्ष्य जुटाये हैं. गौरतलब है कि महिला के पति की करीब 7 साल पहले मौत हो गयी थी और उसके दो बच्चे हैं. महिला की मौत के बाद उसके दोनों बच्चे अनाथ हो गये हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है.
महिला के शरीर पर चोट के निशान
फुलवा देवी की मौत के कारण का पता लगाने में पुलिस जुटी है. बताया जा रहा है कि महिला के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं. जिस कारण इसे हत्या मानकर मामले की छानबीन शुरू की गयी है.ग्रामीण सूत्रों की माने तो वह बेंगलूर में जिस जगह पर रहती थी, वही गांव का भी युवक रहा करता था और उसी की शादी हो रही थी. बहरहाल इसे जमीन विवाद या आपसी विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है. लेकिन महिला की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
पहले पिता और अब छीन गया मां का भी साया
फुलवा देवी की मौत के बाद उसके दो छोटे-छोटे बच्चों के सर पर से मां और पिता का साया उठ गया है. फुलवा देवी के पति संजय रविदास की करीब 7 वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. जिसके बाद से वह अपने दोनों बच्चे करीना और शिवम की देखभाल खुद ही किया करती थी. बेंगलुरु में रहकर वह काम करती थी, जिससे वह अपने बच्चों का पालन पोषण किया करती थी. उसके ससुर चानो रविदास गांव में रहते हैं. चानो रविदास ने कहा कि पहले बेटे की मौत अब बहू की मौत के बाद दोनों बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है. उन बच्चों को पता भी नहीं है कि उनकी पूरी दुनिया उजड़ गई है. घटना के बाद लोग तरह-तरह के कयास भी लगा रहे हैं. फिलहाल लोगों की निगाहें पुलिस की छानबीन पर जा टिकी है.
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