एक साल से जलजमाव में डूबा स्कूल, स्वतंत्रता दिवस पर सड़े पानी के बीच प्रभात फेरी की मजबूरी

Updated:
विज्ञापन

स्कूल के पास जमा सड़ा हुआ पानी | Prabhat Khabar Network

बरहट के प्राथमिक विद्यालय के पास एक साल से जलजमाव, बच्चे गंदे पानी से होकर प्रभात फेरी निकालने को मजबूर। प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल।

विज्ञापन

जमुई : नुमर पंचायत के वार्ड संख्या 2 स्थित प्राथमिक विद्यालय केवाल के पास करीब एक साल से जमा दूषित पानी विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई बयां कर रहा है. लंबे समय से जलजमाव के कारण पानी सड़ चुका है और आसपास दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. इसी गंदगी के बीच स्कूली बच्चे पढ़ने आने-जाने को मजबूर हैं.

विडंबना यह है कि शनिवार को स्वतंत्रता दिवस है. एक ओर अधिकारी साफ-सफाई और विकास का संदेश देते हुए ध्वजारोहण करेंगे, वहीं दूसरी ओर इसी इलाके के नन्हे स्कूली बच्चे सड़े पानी और दुर्गंध के बीच से होकर प्रभात फेरी निकालने को मजबूर होंगे.

ग्रामीण मनीष भारती, मिथिलेश कुमार, संजय भारती, भोला दास और टुनटुन रविदास ने बताया कि सरकारी जमीन पर नाला निर्माण का काम शुरू कराया गया था. इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने कथित तौर पर निर्माण कार्य रुकवा दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक न तो नाला निर्माण पूरा कराया गया और न ही निर्माण कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई.

पत्राचार चलता रहा, समस्या जस की तस

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों को समस्या की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई कागजी प्रक्रिया तक ही सीमित रही. करीब एक साल बीतने के बाद भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. दूषित पानी के कारण आसपास का वातावरण नारकीय हो गया है. इसका सीधा असर विद्यालय आने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि नाला सरकारी जमीन पर बनाया जा रहा था तो निर्माण कार्य रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि निर्माण में कोई कानूनी अड़चन थी तो उसे दूर करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी थी. ऐसे में एक साल से बच्चों और ग्रामीणों को दुर्गंध और जलजमाव की समस्या झेलने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली बच्चे यदि गंदे पानी के बीच से होकर प्रभात फेरी निकालने को मजबूर हैं, तो यह सिर्फ जलजमाव की समस्या नहीं है, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की कार्यशैली पर भी सवाल है. विकास के दावों की असली परीक्षा कागजों पर नहीं, बल्कि ऐसी जमीनी समस्याओं के समाधान से होती है.

क्या कहते हैं डीडीसी

इस संबंध में डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया था. साथ ही नाला निर्माण कार्य पूरा कराने को भी कहा गया था. इसके बावजूद यदि कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और जलजमाव की समस्या बनी हुई है, तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन