जमुई. जिला स्थित बरहट प्रखंड के तमकुलिया गांव में शनिवार को बांस शिल्प पर आधारित 50 दिवसीय गुरु-शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाया जा रहा है. इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे. इस दौरान उन्होंने शिल्पियों के बीच शिल्पी पहचान कार्ड का भी वितरण किया. कार्यक्रम में उपस्थित हस्तशिल्प सेवा केंद्र, पटना के सहायक निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के हस्तशिल्प सेवा केंद्र, पटना द्वारा किया गया. उन्होंने 50 दिवसीय प्रशिक्षण के तहत सभी प्रतिभागियों को प्रतिदिन तीन सौ रुपये के हिसाब से स्टाइपेंड भी प्रदान किया जायेगा. इसके साथ ही तैयार उत्पादों के विपणन, बिक्री और आमदनी बढ़ाने के तरीकों की भी जानकारी दी जायेगी, जिससे शिल्पियों को व्यावसायिक सफलता मिल सके. मौके पर बीडीओ श्रवण पांडेय ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण व कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृड़ होगी और जीवन स्तर में सुधार आ सकेगा. समाजसेवी राहुल रंजन ने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र में बांस शिल्प पर आधारित एक प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया जायेगा, जो क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत काम करेगी. मौके पर प्रशिक्षण अधिकारी अमित कुमार, सुधीर कुमार और प्रशिक्षक विधान टुडू भी मौजूद रहे. ग्रामीण शिल्पियों में इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साह देखा गया.
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