जमुई . स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि व राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय प्लस टू उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करना था. विधिक जागरूकता शिविर का विषय नालसा की डॉन योजना (ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया–2025) रखा गया. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर 5 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पूरे सप्ताह विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता पवन कुमार राय ने किया. उन्होंने बताया कि किशोर एवं युवा अक्सर राह भटककर नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, जिससे न केवल उनका भविष्य बर्बाद होता है, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि नशा जीवन की कठिनाइयों से बचने का कोई समाधान नहीं है, बल्कि इससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं. शिविर में नालसा की योजनाओं के तहत नशा पीड़ितों को नि:शुल्क विधिक सहायता, रिहैबिलिटेशन एवं उपचार में सहयोग की जानकारी दी गयी. स्कूल प्रशासन के सहयोग से छात्रों को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रहने की अपील की गयी. कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य संदीप कुमार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. सभी ने भारत को नशा मुक्त देश बनाने का संकल्प लिया.
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