जमुई. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर बिहार, उड़ीसा, झारखंड एवं पूर्वी बंगाल के इमारत शरिया, खानकाह रहमानी मुंगेर, जमायत इस्लामी हिन्द, जमात अहले हदीस सहित अन्य मुस्लिम संगठनों के बैनर तले रविवार को अड़सार में मुस्लिम समुदाय सहित अन्य धर्म के लोगों ने वक्फ संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन सभा की अध्यक्षता मुफ्ती सहदुरहमान कासमी ने की. जबकि मंच का संचालन काजी नोमान अख्तर कासमी ने किया. इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आये इमारत शरिया पटना के मुफ्ती वसी अहमन ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून एक काला कानून है. वक्फ की संपत्ति मुसलमान और हमारे पूर्वजों के द्वारा दिए गए गरीब लोगों के लिए और मुस्लिम धर्म के लिए दी गयी संपत्ति है. अगर यह कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस काला कानून को वापस नहीं लेती है, तो हम सभी लोग जेल भरो आंदोलन भी करने को तैयार है. वहीं सभा को हाफिज गुलफान अहमद, निसार अहमद रहमानी, मौलाना हुबजुरहमान, मो आलम साहेब, पूर्व चेयरमैन इरफान मलिक, अड़सार मुखिया प्रतिनिधि मो शमशाद आलम, मौलाना नौशाद, हसन इमाम, फारूक सरदार, मौलाना हुसैन, अनवर मुखिया, आफताब आलम, कारी अलाउद्दीन सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया.
हजारों के संख्या में शामिल हुए लोग
विरोध प्रदर्शन में जिले के सभी 10 प्रखंडों से लगभग 10 हजार से अधिक लोग शामिल होकर शांति पूर्वक अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया. जिले के प्रखंडों से बस, स्कार्पियों, बोलेरो, मोटरसाइकिल सहित अन्य वाहनों से लोग अड़सार गांव पहुंच रहे थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

