जमुई . अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा इलाज के लिए सदर अस्पताल आये मरीजों और उनके परिजन को भुगतना पड़ रहा है. इस तपती गर्मी में भी सदर अस्पताल में पीने की पानी का व्यवस्था नहीं है. इस कारण इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्यास लगने पर उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन द्वारा पानी की व्यवस्था नहीं करने को लेकर मरीज व उनके परिजनों में आक्रोश व्याप्त है. लोगों ने बताया कि यदि पानी पीने की जरूरत होती है तो अस्पताल गेट पर स्थित फुटकर दुकानों से खरीदकर पानी पीते हैं या फिर नल का गर्म पानी पीने को विवश हैं. सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष, जेनरल वार्ड, महिला वार्ड, महिला/पुरुष ओपीडी, इमरजेंसी, अस्पताल के मुख्य द्वार सहित पूरे अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल को लेकर कोई मशीन नहीं लगाया गया है. हालांकि बीते वर्ष इमरजेंसी कक्ष के समीप शुद्ध और ठंडा पानी को लेकर मशीन लगायी गयी थी. लेकिन लगभग आठ माह से वह खराब है, जिसकी मरम्मत नहीं करवाना अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है.
नल का पानी गर्म, सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक
सदर अस्पताल के मुख्य द्वार सहित अन्य जगहों पर बेसिन के निकट नल लगी हुई है. अगर मरीज इस नल के पानी का उपयोग पीने में करते हैं तो निश्चित रूप से यह सेहत के दृष्टिकोण से काफी हानिकारक साबित होगा. इसके साथ ही नल से निकलने वाली गर्म पानी पीना भी संभव नहीं है. गुरुवार को इलाज के लिये सदर अस्पताल पहुंचे सदर प्रखंड क्षेत्र के इंदपे गांव निवासी बुधन मांझी, सोनाय मड़वा गांव से आयी मो लड्डन, रुक्साना खातून, सोनो प्रखंड क्षेत्र के बटिया गांव निवासी राजकुमार, गरसंडा गांव निवासी टिंकू कुमार, रंजन मोदी सहित अन्य लोगों ने बताया कि हम लोग पानी के लिए काफी देर से भटक रहे हैं. चापाकल तक नजर नहीं आ रहा है इसलिए नल का पानी पीने को विवश हैं.
कहते हैं प्रबंधक
इस संबंध में पूछे जाने पर अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि इमरजेंसी कक्ष के समीप लगे मशीन में कुछ तकनीकी गड़बड़ी आ गयी हैं. टेक्निशियन को बुलाया गया है. इसे अभिलंब दुरुस्त करवाया जा रहा है.
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