या हुसैन के नारों से गूंजे मोहल्ले, मुहर्रम की आठवीं तारीख पर अकीदतमंदों ने की फातिहा

Edited by Pintu Pranav
Updated:
विज्ञापन

फातिहा में जुटे मुस्लिम समुदाय के लोग

Muharram: जमुई. इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम के अवसर पर बुधवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक आस्था और गम का माहौल देखने को मिला. मुहर्रम की आठवीं तारीख पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने-अपने मोहल्लों और इमामबाड़ों में पहुंचकर फातिहा की. इस दौरान "या हुसैन" के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा. कई अकीदतमंदों ने मन्नत पूरी होने पर पैक बांधा और जुलूस की तैयारी में जुटे नजर आए.

विज्ञापन

जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट

Muharram: मुहर्रम की आठवीं तारीख पर जमुई के विभिन्न मोहल्लों और इमामबाड़ों में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने फातिहा पढ़कर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और अमन-चैन की दुआ मांगी.

इमामबाड़ों में जुटे अकीदतमंद

मुहर्रम को इस्लाम में गम और कुर्बानी का महीना माना जाता है. जिले के विभिन्न इमामबाड़ों में सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा. लोगों ने फातिहा पढ़ी और हजरत इमाम हुसैन तथा कर्बला के शहीदों को याद कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की. युवाओं ने पैक बांधकर मोहल्लों में भ्रमण किया और “या हुसैन” के नारों के साथ धार्मिक उत्साह का प्रदर्शन किया.

आशूरा की तैयारी तेज

मौलाना शमशीर आलम ने बताया कि मुहर्रम कुरान में वर्णित चार पवित्र महीनों में से एक है. मुहर्रम की दसवीं तारीख को आशूरा मनाया जाता है, जिसका इस्लामिक इतिहास में विशेष महत्व है. इसी दिन ताजिया जुलूस निकाला जाता है और बाद में कर्बला में ताजिया का पहलाम किया जाता है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष 25 और 26 जून को आशूरा मनाया जाएगा, जिसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.

कर्बला की शहादत की याद

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 10 मुहर्रम, यानी आशूरा के दिन इराक के कर्बला में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. उनकी शहादत इस्लामी इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में मानी जाती है. आज भी उनकी कुर्बानी लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है.

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

मुहर्रम को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन भी सतर्क है. शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है. विभिन्न इमामबाड़ों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है.

ALSO READ: दिग्विजय सिंह की 16वीं पुण्यतिथि पर कई मंत्रियों के साथ जमुई के नयागांव पहुंचे सीएम, समाधि स्थल पर दी श्रद्धांजलि

विज्ञापन
Pintu Pranav

लेखक के बारे में

By Pintu Pranav

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन