विश्व आदिवासी दिवस पर जमुई में किशोरियों के लिए सॉफ्ट स्किल कार्यशाला, नेतृत्व और संवाद कौशल का दिया गया प्रशिक्षण

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मौके पर उपस्थित किशोरी व संस्था के सदस्य | Prabhat Khabar Network

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जमुई में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की किशोरियों के लिए एक विशेष सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. इस कार्यक्रम का उद्देश्य उनमें आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद और नेतृत्व क्षमता विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था.

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Jamui News: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जमुई में किशोरियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई. समग्र सेवा द्वारा सरयू सेवा सदन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम में गुरमाहा, चोरमारा, झाझा, जमुई सहित विभिन्न क्षेत्रों से आई किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता विकसित करना था.

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कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी सांस्कृतिक गीत-संगीत की प्रस्तुति से हुई, जिससे पूरे आयोजन में सांस्कृतिक और प्रेरणादायक वातावरण बना रहा.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की किशोरियों ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में गुरमाहा, चोरमारा, झाझा और जमुई के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आई किशोरियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.

आयोजकों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल से जोड़ना सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

प्रभावी संवाद और नेतृत्व क्षमता पर विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का संचालन राज्य प्रशिक्षक ओम प्रकाश के नेतृत्व में किया गया.

सत्र के दौरान किशोरियों को प्रभावी संवाद (Effective Communication), आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और टीमवर्क जैसे महत्वपूर्ण सॉफ्ट स्किल विषयों की जानकारी दी गई.

इन कौशलों का अभ्यास विभिन्न समूह गतिविधियों, संवाद अभ्यास और सहभागिता आधारित अभ्यासों के माध्यम से कराया गया.

आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की सीख

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को आत्मनिर्भर, सशक्त और सक्षम नागरिक के रूप में तैयार करना था.

प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को यह समझाया कि आत्मविश्वास और सही संवाद कौशल जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की आधारशिला होते हैं.

उन्हें अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने, कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया.

विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कराया गया अभ्यास

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कई इंटरैक्टिव गतिविधियों, रोल प्ले और समूह अभ्यासों में हिस्सा लिया.

इन गतिविधियों के माध्यम से किशोरियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में सॉफ्ट स्किल्स का उपयोग करना सिखाया गया, ताकि वे शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें.

कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में समग्र सेवा के प्रतिनिधि मकिश्वर, राजेश कुमार, अजय कुमार, बबलू कुमार, अर्पिता पराशर, मिशा कुमारी, काजल कुमारी, उर्मिला कुमारी और अर्जुन कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

सभी ने किशोरियों को भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े रहने और अपने कौशल का उपयोग व्यक्तिगत तथा सामाजिक विकास में करने के लिए प्रेरित किया.

Jamui News: भविष्य में सीख का उपयोग करने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर किशोरियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने व्यक्तिगत जीवन, शिक्षा और भविष्य के विकास में उपयोग करने का संकल्प लिया.

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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