स्वतंत्रता दिवस पर लखैय के जर्जर पंचायत भवन में फहरेगा तिरंगा, मरम्मत की योजना के बाद भी काम अधूरा
जर्जर हालत में लखैय का पंचायत भवन. | Prabhat Khabar Network
राष्ट्रीय पर्व पर लखैय पंचायत का भवन अपनी जर्जर हालत पर आंसू बहा रहा है. उखड़ा पेंट, कचरा और घरेलू सामान सरकारी उपेक्षा की कहानी कह रहे हैं. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसी बदहाल भवन में झंडोत्तोलन होना है.
राष्ट्रीय पर्व पर एक ओर जहां सरकारी और निजी संस्थान चकाचक नजर आएंगे, वहीं लखैय पंचायत का पंचायत भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आएगा. जिस भवन से पंचायत के विकास की योजनाएं बननी और सरकारी कामकाज संचालित होना चाहिए, उसकी जर्जर हालत सरकारी उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है. उखड़ा हुआ पेंट, आसपास बिखरा कचरा और स्थानीय लोगों द्वारा रखा गया घरेलू सामान भवन की बदहाली को साफ दिखाता है.
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि शनिवार को इसी बदहाल पंचायत भवन में झंडोत्तोलन किया जाना है. भवन के दोनों ओर स्थानीय लोगों द्वारा सामान रखे जाने के कारण दूर से यह पहचानना भी मुश्किल हो जाता है कि यह पंचायत का सरकारी भवन है.
सरकारी सामान और दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल
पंचायत भवन के अंदर सरकारी कागजात, कुर्सी-टेबल, पंखे, गोदरेज समेत अन्य सामान रखे हुए हैं. भवन और आसपास की स्थिति को देखते हुए सरकारी दस्तावेजों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से भवन की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.
योजना बनी, पारित हुई, फिर भी नहीं शुरू हुआ काम
वार्ड सदस्य अरविंद मंडल ने आरोप लगाया कि पंचायत भवन की कई वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है. भवन की स्थिति को देखते हुए मरम्मत के लिए पंचायत सचिव संदीप कुमार को जानकारी दी गयी थी. इसके बाद मरम्मत की योजना तैयार कर उसे पारित भी किया गया, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ.
वार्ड सदस्य के अनुसार पंचायत सचिव से काम शुरू कराने की बात करने पर हर बार टालमटोल की जाती है. उन्होंने कहा कि लगातार दबाव बनाने पर किसी मामले में फंसाए जाने का डर बना रहता है. इस कारण अब वह ज्यादा कुछ बोलने से बचते हैं.
सरकारी भवन पर अतिक्रमण, जिम्मेदार कौन?
पंचायत भवन के आसपास स्थानीय लोगों द्वारा सामान रखे जाने और भवन की जर्जर स्थिति ने पंचायत व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. योजना पारित होने के बावजूद मरम्मत का काम क्यों शुरू नहीं हुआ? सरकारी भवन के आसपास सामान रखने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? भवन में रखे सरकारी दस्तावेज और सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? इन सवालों का जवाब जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षित है.
मामले में पंचायत सचिव संदीप कुमार का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
बीडीओ ने कहा- जानकारी लेकर होगी कार्रवाई
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार मिस्त्री ने बताया कि पंचायत भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है. यदि भवन जर्जर है और मरम्मत की योजना पारित होने के बावजूद काम नहीं हुआ है, तो पंचायत सचिव से जानकारी लेकर भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
राष्ट्रीय पर्व के मौके पर होने वाले झंडोत्तोलन से पहले पंचायत भवन की बदहाली सामने आने के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है.
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लेखक के बारे में
By पंकज कुमार सिंह
पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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