ePaper

खैरा का गोपालपुर बनेगा ग्रीन विलेज

Updated at : 03 Jun 2024 10:19 PM (IST)
विज्ञापन
खैरा का गोपालपुर बनेगा ग्रीन विलेज

लगाये जाएंगे पचास हजार से अधिक पंचरत्न पौधे

विज्ञापन

खैरा. पर्यावरण में हो रहे लगातार बड़े बदलाव को कम करने तथा तापमान में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए गोपालपुर गांव के लोगों ने नयी पहल की है. इस गांव के लोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध रूप से काम करने वाले हैं. दरअसल प्रखंड क्षेत्र के गोपालपुर गांव को ग्रीन विलेज बनाया जायेगा तथा इसे लेकर ग्रीन गोपालपुर नाम की एक कमेटी भी बनायी गयी है. इस कमेटी का उद्देश्य गांव में 50 हजार से भी अधिक पंचरत्न पौधे लगाना है, जिससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके. इसके साथ ही कई और ऐसी योजनाएं बनायी गयी है, जिसका क्रियान्वयन इस गांव में किया जाएगा. इसे लेकर गोपालपुर पंचायत के घनबेरिया गांव स्थित सामुदायिक भवन में ग्रीन गोपालपुर कमेटी की बैठक आयोजित कर इस दिशा में कार्य योजना बनायी गयी. इस बैठक में सामाजिक व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे समग्र भारत न्यास, साइकिल यात्रा एक विचार और रिजेनरेटिव बिहार जैसी संस्था ने हिस्सा लिया.

पंचरत्न पौधों को लगाना है आसान:

ग्रीन गोपालपुर कार्य समिति की बैठक की अध्यक्षता ग्रीन गोपालपुर के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी धीरज कुमार सिंह ने की. बैठक में ग्रीन गोपालपुर मिशन को सफल करने के लिए कई प्रस्तावों पर निर्णय लिये गये. इस दौरान कहा गया कि मिशन की सफलता जन भागीदारी पर निर्भर करता है. अतः सारी योजनाओं के केन्द्र में जनता को सहयोग करना और उनका सहयोग प्राप्त करना आवश्यक है. बैठक में शामिल सदस्यों ने गांव की आवश्यकताओं पर केंद्रित पंचरत्न पौधों को आम जीवन से जोड़ने पर जोर दिया. पंचरत्न पौधों में सहजन, केला, अमरुद, पपीता और कढ़ी पत्ता शामिल हैं. बताया गया कि इन पौधों को लगाना आसान है. वहीं इससे प्राप्त फल और पत्तियां पोषकतत्वों से भरपूर होती हैं. यह आर्थिक लाभ अर्जित करने का एक सफल साधन साबित हो सकती है.

गांवों में बाड़ी कल्चर के विकास पर बनी प्लानिंग:

सदस्यों ने बाड़ी कल्चर की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रत्येक लोगों को अपने घरों के पास 10 बाय 10 फीट भूमि को बाड़ी में तब्दील करने और शाक-सब्जी उगाने की आवश्यकता को रेखांकित किया. पूर्वजों की समझ को आज की आवश्यकता के मुताबिक अपनाने और हरी सब्जियों की खेती करने की आवश्यकता पर बल दिया गया. सदस्यों ने कहा कि गोपालपुर पंचायत के पांच हजार घरों में यदि पंचरत्न पौधों को पहुंचाने में हम सफल हो गये, तो ऐसे ही ग्रीन गोपालपुर मिशन का 50 हजार पौधारोपण हम कर लेंगे. इसके साथ ही जल संरक्षण को लेकर भी सदस्यों ने रणनीतियों का निर्धारण किया. इसमें 5 बाय 5 फीट के गड्ढों में तरीके से नाली में जाने वाले जल का संरक्षण कैसे हो, इसकी तैयारी की गयी. बैठक के बाद सदस्यों ने गोपालपुर पंचायत के कई क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा संभावित कार्यों की रणनीति तैयार की. पुनः घनबेरिया के आम ग्रामीणों के साथ चौपाल भी आयोजित किया गया. जहां ग्रामीणों की समस्याओं और ग्रीन गोपालपुर मिशन में संभावित बाधाओं पर परस्पर संवाद कर उन बाधाओं को चिह्नित किया गया. पटना से डाॅ इस्तियाक अहमद इस बैठक शामिल होने आये थे. इसके साथ ही इस बैठक में डाॅ रविश कुमार सिंह, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, शैलेश कुमार, संतोष सुमन, मनीष नंदन, लड्डू सर, सौरभ कुमार मिश्रा, संजीव किशोर सुमन, उदय प्रताप सिंह आदि लोग शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन