जमुई में लेप्रोसी मरीजों के बीच किट वितरण, डॉक्टरों ने कहा- समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकती है बीमारी

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 29 May 2026 3:55 PM

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जमुई में लेप्रोसी मरीजों के बीच किट वितरण

Jamui News: झाझा में लेप्रोसी बीमारी को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की पहल की गई. मरीजों के बीच इलाज संबंधी किट बांटे गए और डॉक्टरों ने साफ कहा कि यह छुआछूत की बीमारी नहीं है, सही समय पर इलाज से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं.

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झाझा, जमुई से ऋताम्बर सिंह की रिपोर्ट.

Jamui News: झाझा में शुक्रवार को लेप्रोसी बीमारी से ग्रसित मरीजों के बीच इलाज से संबंधित किट का वितरण किया गया. कार्यक्रम डॉ बीके रॉय की उपस्थिति में आयोजित हुआ, जहां मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया गया. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि लेप्रोसी को लेकर फैली भ्रांतियों से बचें और मरीजों को समय पर इलाज के लिए प्रेरित करें.

मरीजों के बीच बांटी गई स्वास्थ्य किट

कार्यक्रम के दौरान लेप्रोसी बीमारी से पीड़ित मरीजों के बीच जरूरी स्वास्थ्य किट वितरित किए गए. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को नियमित इलाज और सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई. इस दौरान मौजूद लोगों को बीमारी के लक्षण और इलाज की जानकारी दी गई.

डॉक्टर ने बताया बीमारी का कारण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ बीके रॉय ने कहा कि लेप्रोसी माइक्रोबैक्टेरियम लेप्री बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक दीर्घकालिक संक्रमण है. यह बीमारी मुख्य रूप से त्वचा, नसों और आंखों को प्रभावित करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में अब भी इस बीमारी को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं.

“यह छुआछूत की बीमारी नहीं”

डॉ रॉय ने स्पष्ट कहा कि लेप्रोसी कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है. उन्होंने बताया कि यदि सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अगर आसपास कोई व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित दिखाई दे तो उसे अस्पताल जाकर इलाज कराने के लिए प्रेरित करें.

जागरूकता फैलाने पर दिया जोर

डॉ रॉय ने स्वास्थ्य कर्मियों से भी अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोगों को सही जानकारी मिलने पर वे बिना डर के इलाज कराएंगे और बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकेगा.

स्वास्थ्य कर्मी रहे मौजूद

कार्यक्रम में डेटा सहायक आशुतोष बाजपेई समेत कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे. सभी ने लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने और समाज में फैले भ्रम को दूर करने का संकल्प लिया.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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