जमुई में अवैध नर्सिग होम और क्लीनिक की जांच की मांग, सिविल सर्जन को सौंपा गया ज्ञापन
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 23 May 2026 1:27 PM
जमुई में अवैध नर्सिग होम और क्लीनिक की जांच की मांग
Jamui News: बिना पंजीकरण चल रहे निजी नर्सिंग होम पर कार्रवाई की उठी मांग, मरीजों की सुरक्षा पर जतायी चिंता
Jamui News: जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट. जमुई जिले में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक और पैथोलॉजी केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गयी है. इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिलाध्यक्ष शंभू कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कई स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध पंजीकरण और पर्याप्त संसाधनों के संचालित किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है.
बिना पंजीकरण चल रहे कई निजी संस्थान
ज्ञापन में कहा गया कि जिले में कई निजी नर्सिंग होम और क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग के नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं. कई संस्थानों में योग्य चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के बावजूद मरीजों का इलाज किया जा रहा है.
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि ऐसे संस्थानों में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रही आवाज
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिलाध्यक्ष शंभू कुमार ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सहरसा विधायक ई आईपी गुप्ता लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और निजी नर्सिंग होमों में फैली अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं.
इसके बावजूद जिले में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.
विशेष जांच अभियान चलाने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गयी कि जिले के सभी निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक और पैथोलॉजी केंद्रों की व्यापक जांच करायी जाए.
साथ ही बिना पंजीकरण और नियम विरुद्ध संचालित संस्थानों को बंद करने, योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता, ऑक्सीजन व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जांच सुनिश्चित करने की मांग भी उठायी गयी.
सिविल सर्जन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
सिविल सर्जन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित संस्थानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
पार्टी नेताओं ने कहा कि जनहित और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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