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पूर्व मुखिया मकेश्वर यादव हत्याकांड में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

Updated at : 21 Jan 2026 9:45 PM (IST)
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पूर्व मुखिया मकेश्वर यादव हत्याकांड में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

जिले के बरहट प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर पंचायत के पूर्व मुखिया मकेश्वर यादव हत्याकांड में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है.

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जमुई . जिले के बरहट प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर पंचायत के पूर्व मुखिया मकेश्वर यादव हत्याकांड में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे द्वितीय सुधीर सिंहा की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने मुदालय अरविंद यादव, मतल यादव, सियाराम यादव, राम प्रसाद यादव, राजेंद्र यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ-साथ प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही धारा 120 बी के तहत भी सभी को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसके अलावा अभियुक्त राजेंद्र यादव को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत भी तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की अलग से सजा दी गयी है.

20 जून 2019 को तत्कालीन मुखिया की कर दी गयी थी हत्या

मामले के अनुसार, 20 जून 2019 की सुबह करीब 7:15 बजे सूचक बलराम यादव अपने भाई एवं तत्कालीन मुखिया मकेश्वर यादव के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से शुक्रदास हाल्ट की ओर जा रहे थे. बलराम यादव मोटरसाइकिल चला रहे थे, जबकि मकेश्वर यादव पीछे बैठे थे. सुबह करीब 7:20 बजे जब वे शुक्रदास हाल्ट के पास चंदन यादव के घर के समीप पहुंचे, तभी अभियुक्त अरविंद यादव ने मोटरसाइकिल रोक ली और आवाज देकर अपने घर में छिपे अन्य अभियुक्तों को बुला लिया. अभियोजन के अनुसार, अभियुक्तों ने राजनीतिक और सामाजिक दुश्मनी के चलते मकेश्वर यादव को पकड़ लिया. इसी दौरान राजेंद्र यादव ने अपने पास मौजूद पिस्टल से मकेश्वर यादव को गोली मार दी और सूचक पर भी फायरिंग करते हुए फरार हो गया. बलराम यादव किसी तरह बाल-बाल बच गये. इसके बाद घायल मकेश्वर यादव को सदर अस्पताल जमुई लाया गया, जहां इलाज के क्रम में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. सूचक के बयान पर मलयपुर थाने में मामला दर्ज किया गया, जो सेशन केस संख्या 106/21 के रूप में एडीजे द्वितीय की अदालत में चला. सुनवाई के दौरान कुल 12 गवाहों की गवाही हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी मनोज कुमार सिंह ने प्रभावी बहस की, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता चमरू तांती, अनूप सिंह एवं मंटू गोस्वामी ने पक्ष रखा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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