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नेतृत्व, समर्पण व संघर्ष पुरुषों की पहचान के तीन आधार- प्रो गौरीशंकर

Updated at : 19 Nov 2025 9:06 PM (IST)
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नेतृत्व, समर्पण व संघर्ष पुरुषों की पहचान के तीन आधार- प्रो गौरीशंकर

अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के अवसर पर बुधवार को केकेएम कॉलेज में आधुनिक समाज एवं राष्ट्र के विकास में पुरुषों का योगदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया.

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जमुई . अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के अवसर पर बुधवार को केकेएम कॉलेज में आधुनिक समाज एवं राष्ट्र के विकास में पुरुषों का योगदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो डॉ देवेंद्र कुमार गोयल ने की. इस अवसर पर एक ही मंच से अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस, विश्व शौचालय दिवस, नागरिक दिवस, लक्ष्मीबाई जयंती व इंदिरा गांधी जयंती का सामूहिक आयोजन कर विविध विचारों का संगम प्रस्तुत किया गया. डॉ गौरी शंकर पासवान ने कहा कि 19 नवंबर प्रेरणाओं का पंचधारा संगम है. यह दिन जागरूकता, नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, साहस और स्वच्छता का वैश्विक संदेश देता है. उन्होंने कहा कि पुरुष समाज और राष्ट्र की उन्नति के मजबूत स्तंभ हैं. नेतृत्व, समर्पण व संघर्ष पुरुषों की पहचान के तीन आधार हैं. केवल महिला दिवस मनाना और पुरुष दिवस को अनदेखा करना संतुलित समाज का संकेत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि 19 नवंबर का दिन महारानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, स्व इंदिरा गांधी के सशक्त नेतृत्व तथा स्वच्छता और नागरिक दायित्व के संदेशों का अनूठा मेल है. प्रो डॉ देवेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि 19 नवंबर विभिन्न दिवसों और जयंती का अद्भुत संगम है, जो समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है. प्रो सरदार राय ने कहा कि यह दिन मूल्य, नेतृत्व और स्वच्छता का समग्र संदेश देता है. स्व इंदिरा गांधी ने सिद्ध किया कि नेतृत्व किसी लिंग की नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प की मांग करता है. हिंदी विभागाध्यक्ष कैलाश पंडित ने कहा कि नागरिक दायित्व समाज की आधारशिला है और पुरुष समाज के संवेदनशील सहयात्री के रूप में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रोफेसर डॉ एसके झा ने कहा कि कृषि, उद्योग, शिक्षा, विज्ञान, रक्षा और खेल जैसे हर क्षेत्र में पुरुषों का योगदान राष्ट्र की प्रगति का आधार है. सहायक सुशील कुमार ने कहा कि आज महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, परंतु पुरुष दिवस को वह पहचान नहीं मिलती जो महिला दिवस को मिलती है. समाज के संतुलित विकास के लिए दोनों का समान सम्मान आवश्यक है. कार्यक्रम में कॉलेज के कई कर्मी और विद्यार्थी उपस्थित थे. समारोह देर तक विचार-विमर्श और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ जारी रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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