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Bihar: गर्मी में शीतलता देता है इस देसी फ्रिज का ठंडा पानी, नहीं होती सर्दी की शिकायत

Updated at : 07 Apr 2024 1:48 PM (IST)
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Bihar: गर्मी में शीतलता देता है इस देसी फ्रिज का ठंडा पानी, नहीं होती सर्दी की शिकायत

Bihar: बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ गयी है. शहर में जगह जगह सुराही की दुकान सज चुकी हैं. कुम्हारों को भी इस साल अच्छी आमदनी की उम्मीद है.

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Bihar: अर्जुन अरनव, जमुई. संसाधनों के विकास के बावजूद परंपरागत वस्तुओं का महत्व कभी भी कम नहीं होता. तापमान बढ़ने लगा है. अप्रैल माह की शुरुआत में ही सूर्यदेव ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है. शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अब जब गर्मी अपना प्रचंड रूप धारण करने लगी है तो एसी, फ्रिज और पंखे की दुकानों के साथ-साथ मटके और सुराही की दुकानें भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है. शहर के पोस्ट ऑफिस रोड, बोधबन तालाब, पुरानी बाजार, शिवनडीह में मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सजी हैं. लोग मटके और सुराही की खूब खरीदारी कर रहे हैं. प्रचंड गर्मी में कुम्हारों द्वारा कई किस्म-किस्म के घड़े व सुराही बाजार में बेचे जा रहे हैं. मांग बढ़ने के साथ-साथ इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. भीषण गर्मी में मटके का पानी लोगों को राहत देता है. बाजार में एक घड़े की कीमत 150 से 250 रुपये है, वहीं सुराही 120 से 150 रुपये तक बिक रहा है.

अब सुराही में भी लगा है नल

बताते चलें कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही आम आदमी को गर्मी से निजात पाने के लिए ठंडे पानी की आवश्यकता महसूस होने लगती है. संपन्न लोग भी फ्रिज की बजाए का मटके का पानी ज्यादा पसंद करते हैं. वर्तमान में शहर में रहने वाले अधिकांश लोगों के घरों में फ्रिज की सुविधा उपलब्ध है, फिर भी मटके का क्रेज तनिक भी कम नहीं हुआ है. पोस्ट ऑफिस रोड स्थित मटका बेचने वाले दुकानदार राजेंद्र भगत व जितेंद्र भगत ने बताया कि हम लोगों का यह पुस्तैनी कारोबार है. पिताजी के बाद बीते 40 वर्षों से हम दोनों भाई इस दुकान को चला रहे हैं. समय के साथ कुछ बदलाव आया है. पहले सुराही और मटका बिना नल का ही बिकता था. लेकिन अब इनमें भी नल लगाया जा रहा है.

स्वादयुक्त होता है मटके का पानी

मटके की खरीदारी कर रहे सिरचंद नवादा मुहल्ला निवासी उमेश कुमार, कमलेश कुमार ने बताया कि घर में फ्रिज भी है, लेकिन हमें मटके का पानी पीने की ही आदत है. मटके का पानी शीतल रहने के साथ-साथ बेहतर स्वाद युक्त होता है. सुराही का मोल-तोल कर रहे सूरज गोस्वामी, मीना देवी, सोनू कुमार, नवीन सिंह ने बताया कि मिट्टी के बर्तन को शुद्ध माना गया है. इसमें पानी रखने से शीतलता के साथ-साथ कई खनिज लवण शरीर को प्राप्त होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है.

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स्वास्थ्य के लिए उत्तम है घड़े का पानी

सदर अस्पताल के एसीएमओ डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य के लिए मिट्टी के घड़े का पानी उत्तम होता है. मेडिकल साइंस भी इस बात को मानता है. उन्होंने बताया कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके के पानी की तासीर ज्यादा अच्छी होती है. मटके के पानी का अलग ही स्वाद होता है. मटके का पानी पीने से सर्दी- खासी की भी शिकायत नहीं होती है. मिट्टी में ऐसे कई तत्व होते हैं जो रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करते हैं. इतना ही नहीं इसमें पाये जाने वाले मिनरल्स शरीर को डेटॉक्स करने में मदद करते हैं.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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