एम्स के पास बनेगा कैंसर अस्पताल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
सीएम का एलान, अस्पताल निर्माण में सरकार करेगी मदद फुलवारीशरीफ : कैंसर मरीजों के लिए फुलवारीशरीफ में जल्द एक नये अस्पताल का निर्माण होगा. इसमें गरीब, असहाय, बुजुर्ग और जिनका कोई नहीं है, वैसे कैंसर मरीजों का इलाज होगा और उनके रहने की व्यवस्था होगी. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को की. महावीर […]
विज्ञापन
सीएम का एलान, अस्पताल निर्माण में सरकार करेगी मदद
फुलवारीशरीफ : कैंसर मरीजों के लिए फुलवारीशरीफ में जल्द एक नये अस्पताल का निर्माण होगा. इसमें गरीब, असहाय, बुजुर्ग और जिनका कोई नहीं है, वैसे कैंसर मरीजों का इलाज होगा और उनके रहने की व्यवस्था होगी. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को की.
महावीर कैंसर संस्थान में 13 करोड़ की लागत से स्थापित पेट सीटी स्कैन मशीन के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि नये अस्पताल के निर्माण में राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी. सरकार पर दायित्व है कि बिहार के मरीजों का अच्छा और सस्ता इलाज हो, इस मामले में सरकार गंभीर है. पेट सिटी स्कैन मशीन से दो प्रकार की जांच एक बार में हो सकेगी. इससे पहले चरण में ही कैंसर की जानकारी मिल जायेगी और अन्य बीमारियों की भी जानकारी मिल जायेगी. इस तरह की मशीन पटना में नहीं थी. इससे समय पर बीमारी पकड़ में आ जायेगी और इलाज संभव हो सकेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मशीन में उपयोग होनेवाली दवा छह घंटे में ही नष्ट हो जाती है और यह दवा कोलकाता से फ्लाइट से आती है. इसकी जांच में जो दवा दी जाती है, उसकी उपलब्धता पटना में हो और दवा को प्रिजर्व करने के लिए जरूरी उपाय किये जायें. उन्होंने महावीर कैंसर संस्थान से अपील की कि इसका अध्ययन करें और इस दवा को प्रिजर्व करने के लिए क्या इंतजाम हो सकता है, उसे बताएं, सरकार पूरी सहायता करेगी. उन्होंने कहा कि महावीर कैंसर संस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा कैंसर संस्थान है. यहां कमिटमेंट के साथ इलाज होता है. इसके अनुरूप यह इंतजाम होना चाहिए, अब तो आइजीआइएमएस में भी कैंसर संस्थान की स्थापना की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में जब सरकार बनी, तो 2006 में सरकारी अस्पताल में सर्वे कराया गया था, तो पता चला कि पीएचसी में एक माह में 39 मरीज आते हैं. इस सर्वे को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई कार्य किये. डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ की बहाली हुई. निशुल्क दवा भी मरीजों को दी जाने लगी. सरकार ने फिर 2006 के अंत में सर्वे कराया, तो मालूम हुआ कि एक माह में पीएचसी में 1500 से 2000 मरीज आते हैं. अब पीएचसी में आनेवाले मरीजों की संख्या 10000 पार हो गयी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष में मरीजों के दी जानेवाली राशियों में वृद्धि की गयी है. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का उद्घाटन तत्कालीन उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत ने किया था. इस कोष के तहत दिल्ली में इलाज कर रहे बिहारवासियों के लिए बिहार भवन में भी कार्यालय खुला हुआ है. मरीजों की ओर से आये आवेदन पर 15 में इलाज कर रहे अस्पताल को राशि भेज दी जाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










