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CM नीतीश ने जमुई में काम के आधार पर मांगी मजदूरी, RJD पर साधा निशाना, 15 साल के शासन का हिसाब

Updated at : 04 Apr 2019 3:07 PM (IST)
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CM नीतीश ने जमुई में काम के आधार पर मांगी मजदूरी, RJD पर साधा निशाना, 15 साल के शासन का हिसाब

जमुई : एनडीए के प्रत्याशी व लोक जनशक्ति पार्टी नेता चिराग पासवान का चुनाव प्रचार करने आये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को जमुई के तारापुर पहुंचे. चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिना किसी का नाम लिये राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर हमला बोला. साथ ही उन्होंने राजद […]

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जमुई : एनडीए के प्रत्याशी व लोक जनशक्ति पार्टी नेता चिराग पासवान का चुनाव प्रचार करने आये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को जमुई के तारापुर पहुंचे. चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने बिना किसी का नाम लिये राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर हमला बोला. साथ ही उन्होंने राजद के 15 साल के शासनकाल का ब्योरा मांगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेरे खिलाफ ‘लोग’ क्या-क्या नहीं बोलते हैं. लोकतंत्र में सबको बोलने का अधिकार है. लेकिन, भाषा पर तो संयम रखना चाहिए. मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिये राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे खिलाफ बोलनेवाले आज जमानत पर घूम रहे हैं. जेल में जो बंद हैं, वे क्यों बंद हैं? किसी ने जबरदस्ती बंद किया है क्या? अदालत ने सजा दी है.

काम के बदले मांगा वोट

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ”हम काम के आधार पर आपसे वोट मांगने आये हैं. पिछले 13 सालों जो मैंने काम किया है, आज उसकी मजदूरी मांग रहा हूं.” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके लिए काम कर रही है. पहले लोग शिकायत करते थे कि दूसरे को वृद्धावस्था पेंशन मिल रहा है, हमें नहीं. इसके बाद हमने 60 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वृद्धावस्था पेंशन देने का फैसला किया. लोगों के नाम दर्ज किये जा रहे हैं. जांच-पड़ताल के बाद खाता खुलने पर खाते में पैसा डाला जायेगा. अगस्त से भुगतान होना शुरू हो जायेगा. सभी लोगों को अप्रैल माह से ही जोड़ कर पैसे का भुगतान किया जायेगा.

राजद के 15 सालों के शासनकाल का मांगा हिसाब

मुख्यमंत्री ने राजद के 15 वर्षों के शासनकाल का भी हिसाब मांगा. उन्होंने कहा कि जनता ने 15 साल राजद को मौका दिया. वर्ष 2004-05 में बिहार का बजट जहां 24 हजार करोड़ का था. आज 13 साल बाद बिहार का बजट दो लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. बिहार में विकास के लिए 3-4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता था. वह पैसा भी पूरा खर्च नहीं हो पाता था. आज बिहार सरकार विकास पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

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