एंबुलेंस नहीं की व्यवस्था तो कंधे पर बच्ची के शव को उठा घर ले गये पिता
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Oct 2018 10:06 PM
सिमुलतला : शनिवार की रात बिहार के झाझा रेफरल अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी के कार्यकलाप से एक बार फिर मानवता शर्मसार हुआ है. सिमुलतला थाना क्षेत्र के गादी टेलवा गांव की एक बारह वर्षीय बच्ची की मौत झाझा रेफरल अस्पताल में हो गयी. स्वास्थ्य कर्मियों ने मृतक के परिजन को शव घर तक […]
सिमुलतला : शनिवार की रात बिहार के झाझा रेफरल अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी के कार्यकलाप से एक बार फिर मानवता शर्मसार हुआ है. सिमुलतला थाना क्षेत्र के गादी टेलवा गांव की एक बारह वर्षीय बच्ची की मौत झाझा रेफरल अस्पताल में हो गयी. स्वास्थ्य कर्मियों ने मृतक के परिजन को शव घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराया. लाचार पिता ने अपने कंधे के सहारे अपनी बेटी के शव को घर तक ले गये.
इस संदर्भ में मृतक बच्ची के पिता पेजु मोहली, माता बसंती देवी ने बताया कि मेरी पुत्री बबीता कुमारी पिछले एक सप्ताह से बुखार पीड़ित थी. स्थानीय स्तर पर इलाज करवाने के बाद कोई सुधार होता नहीं देख शनिवार शाम रेफरल अस्पताल झाझा लाया. अस्पताल के चिकित्सकों ने मेरी पुत्री की जांच-पड़ताल कर दवाई दी. काफी समय बीतने के बाद उसके स्थिति में कोई सुधार नहीं होते देख हमलोगों ने बहुत आरजू मिन्नत की कि मेरी पुत्री का सही तरीके से इलाज कराया जाये, उसकी तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन किसी ने मेरी एक नहीं सुनीं.
मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने सलाह दी कि इसे अन्यत्र किसी चिकित्सक के पास ले जाओ. मैंने कहा कि मैं गरीब आदमी हूं मेरे पास पैसा नहीं है मैं अपनी पुत्री को इलाज के लिए किसी प्राइवेट अस्पतालों में नहीं ले जा सकेंगे. लेकिन, किसी ने इसका सुधि नहीं ली. जिसके कारण पूरी रात मेरी बेटी बुखार से रेफरल अस्पताल में ही तड़पती रही और सुबह चार बजे उसकी सांसे रुक गयी. घटना के बाद अस्पताल कर्मियों ने कहा कि अब शव लेकर यहां से जाओ. तभी मैं अपने कंधों के सहारे किसी तरह अपने कलेजे के टुकड़े की शव को घर तक लाया.
घटना के बाद से दुर्गा पूजा का उत्सवी माहौल गादी टेलवा गांव में अचानक मातम में बदल गया. लोग चिकित्सा विभाग की इस लापरवाही को कोस रहे थे. इसकी सूचना पाते ही टेलवा पंचायत के मुखिया पति चंद्रदेव यादव ने कबीर अत्येष्टि योजना की राशि मृतका के पिता को सौंपा. इस बाबत पूछे जाने पर झाझा रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मैं किसी आवश्यक कार्य से पटना में हूं. उन्होंने बताया कि मैंने घटना की पूरी जानकारी लिया. वह बच्ची अस्पताल में काफी कम समय तक रही थी. मृतक के परिजन के द्वारा इलाज नहीं करने का आरोप निराधार है.
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