आक्रोशित परिजनों ने की तोड़फोड़

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हंगामा . रुपये के लेन-देन में डॉक्टर पर मरीज की जान लेने का लगा रहे थे आरोप जमुई : गिद्धौर निवासी चिमनी व्यवसायी रंजीत सिंह की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत से आक्रोशित लोग मां काली नर्सिंग होम के चिकित्सक अनिल सिंह पर रुपये डकारने को लेकर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे. लोग […]

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हंगामा . रुपये के लेन-देन में डॉक्टर पर मरीज की जान लेने का लगा रहे थे आरोप

जमुई : गिद्धौर निवासी चिमनी व्यवसायी रंजीत सिंह की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत से आक्रोशित लोग मां काली नर्सिंग होम के चिकित्सक अनिल सिंह पर रुपये डकारने को लेकर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे. लोग बार-बार कह रहे थे कि रंजीत सिंह का चिमनी भट्टा का कारोबार वृहत पैमाने पर चल रहा था. डा सिंह ने जमुई-मधुपुर सीमा पर लगाये दाल फैक्टरी में रंजीत से लाखों रुपये का ईंट उधार लिया था. रुपये देने के नाम पर बार बार टाल मटोल भी कर रहे थे.
ऐसा प्रतीत होता है कि अपने उधार राशि को डकारने की नियत से जानबुझ कर रंजीत की जान ले लिया है. लोग बता रहे थे करीब चालिस वर्षीय रंजीत काफी मिलनसार प्रवृति का स्वस्थ व्यक्ति था. चिकित्सक से अच्छा संबंध रहने के कारण किसी अन्य स्थानों पर इलाज ना करवाकर इस नर्सिंग होम में इलाज करवाने आया था. लेकिन उसे नहीं पता था कि आज शुक्रवार का दिन उसके लिए जिंदगी का आखिरी होगा.
क्लिनिक का शीशा तोड़ा
जमुई. गिद्धौर थाना क्षेत्र के चिमनी व्यवसायी रंजीत सिंह की चिकित्सक की लापरवाही से हुए मौत से आक्रोशित परिजनों ने शुक्रवार को डा. अनिल कुमार सिंह के क्लिनिक में हो-हंगामा करते हुए अल्ट्रासाउंड कक्ष का शीशा तोड़ दिया. इस दौरान परिजन बार-बार चिकित्सक को गिरफ्तार करने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे. परिजनों ने बताया कि विगत 28 नबंवर को डा. अनिल कुमार सिंह के द्वारा उनका स्वास्थ्य संबंधी जांच कर एक दिसंबर को हाईड्रोसिल के आपरेशन को लेकर शुक्रवार सुबह में आने को कहा गया था. चिकित्सक अनिल सिंह के द्वारा ऑपरेशन में लापरवाही बरतने के बाद ही रंजीत की मौत हो गयी. चिकित्सक ने मामला को दबाने के लिए उनके मौत के बाद उनके शव को आनन-फानन में एम्बुलेंस में डलवा कर क्लिनिक से बाहर निकलवा जा रहा था. हमलोगों के द्वारा मामला को भांपने के बाद कमरा में बंद हो गया
बार-बार उग्र हो रहे थे लोग
जमुई : शहर के एक अन्य चिकित्सक ललित कुमार सिंह की उपस्थिति मां काली नर्सिंग होम में देखकर भी लोग बार-बार आक्रोशित हो रहे थे. लोगों का आरोप था कि इन दोनों चिकित्सक की उपस्थिति में ही चिमनी भट्ठा व्यवसायी रंजीत की मौत हुई है. घटना के बाद जिस तरह से चिकित्सक अनिल सिंह के द्वारा आनन-फानन में एंबुलेंस मंगवाकर शव को भेजने का प्रयास किया गया है. उसमें डा ललित की भूमिका काफी अहम है. आक्रोशित लोगों ने बताया कि डा ललित आॅपरेशन के पूर्व ही यहां आये थे व घटना के बाद मामला को मैनेज करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. बताते चलें कि आक्रोशित लोग डा ललित पर भी काफी भंड़ास निकाल रहे थे. इस बाबत पूछे जाने डा ललित सिंह ने बताया कि आॅपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति खराब होने पर डा अनिल सिंह के द्वारा सूचना देकर बुलाने पर मैं यहां आया हूं. मेरे आने के पूर्व ही मरीज रंजीत का मौत हो गयी थी.
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