बिना निबंधन के ही चलाये जा रहे जिले में दर्जनों निजी स्कूल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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लापरवाही. कई स्कूलों की व्यवस्था तय मानदंड के अनुरूप नहीं जिले में संचालित 150 विद्यालयों में से मात्र 72 ही हैं निबंधित जमुई : राज्य सरकार एक ओर शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सभी साधन संपन्न निजी विद्यालय को निबंधित करने का प्रयास कर रही है व इसके लिए काफी पूर्व में शिक्षा विभाग […]
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लापरवाही. कई स्कूलों की व्यवस्था तय मानदंड के अनुरूप नहीं
जिले में संचालित 150 विद्यालयों में से मात्र 72 ही हैं निबंधित
जमुई : राज्य सरकार एक ओर शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सभी साधन संपन्न निजी विद्यालय को निबंधित करने का प्रयास कर रही है व इसके लिए काफी पूर्व में शिक्षा विभाग को निर्देश भी दे चुकी है. लेकिन विभाग के अधिकारियों की मनमानीपूर्ण व लापरवाह रवैया के कारण अभी तक जिले के दर्जनों निजी विद्यालय का निबंधन नहीं हो पाया है. विद्यालय संचालकों की मानें तो राज्य सरकार ने जिले में संचालित सभी साधन संपन्न निजी विद्यालयों को हर हाल में शिक्षा विभाग से निबंधित कराने का आदेश दिया है व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सभी गैर निबंधित निजी विद्यालयों को सरकार द्वारा यथाशीघ्र ही बंद करा दिया जायेगा.
निबंधन नहीं होने के कारण अभी भी कई निजी विद्यालय संचालक काफी पेशोपेश में हैं व उन्हें यह चिंता सता रही है कि अगर राज्य सरकार द्वारा गैर निबंधित निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दे दिया गया तो फिर हमारे विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों का क्या होगा. विभाग की लापरवाही के कारण वर्तमान समय में जिले में संचालित लगभग 150 विद्यालयों में से मात्र 72 विद्यालय को विभाग द्वारा निबंधन प्रदान किया गया है.
क्या हैं निबंधन की शर्तें
राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के निबंधन के लिए शिक्षा विभाग को जो दिशा निर्देश जारी किया गया है उसके अनुसार सबसे पहले निजी विद्यालय विद्यालय संचालक के पास एक निबंधित ट्रस्ट का होना अनिवार्य है. साथ ही विद्यालय के पास कक्षा प्रथम से लेकर अष्टम तक के छात्र छात्राओं के पठन पाठन के लिए कम से कम आठ से दस कमरा अवश्य होना चाहिए. इसके अलावे विद्यालय के पास खेलकूद का मैदान व पुस्तकालय भी होना चाहिए. साथ साथ विद्यालय के पास अपना कार्यालय व पेयजल की समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए. इसके अलावे छात्र छात्राओं के लिए अलग अलग शौचालय का भी होना अनिवार्य है. विद्यालय के पास अधिक से अधिक प्रशिक्षित व अनुभवी शिक्षकों का भी होना जरूरी है. इसके अलावे भी कई शर्तें हैं.
कहते हैं अधिकारी
कई निजी विद्यालयों द्वारा निबंधन के लिए आवेदन दिया गया है. लेकिन बहुत सारे विद्यालय सरकार द्वारा निर्धारित मानदंड को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं व जो विद्यालय सरकार के द्वारा निर्धारित मानदंड को पूरा कर रहे हैं उन्हें शीघ्र ही जांच के पश्चात निबंधन प्रदान कर दिया जायेगा.
विद्यानंद सिंह, डीइओ, जमुई
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