अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो रहे विभिन्न प्रखंडों के मॉडल स्कूल
जमुई : केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर केंद्र व राज्य सरकार के सामूहिक सहयोग से जिलेभर में खोला गया मॉडल स्कूल अपने उद्देश्य में असफल साबित होता दिख रहा है. आलम यह है कि विद्यालय खोले जाने के वर्षों बीत जाने के उपरांत भी उन विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य अब तक शुरू नहीं किया […]
जमुई : केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर केंद्र व राज्य सरकार के सामूहिक सहयोग से जिलेभर में खोला गया मॉडल स्कूल अपने उद्देश्य में असफल साबित होता दिख रहा है. आलम यह है कि विद्यालय खोले जाने के वर्षों बीत जाने के उपरांत भी उन विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य अब तक शुरू नहीं किया जा सका है.
जिस वजह से लगने लगा है कि मॉडल स्कूल अब अपने उद्देश्य से भटकने लगा है. बताते चलें की बीते वर्ष 2007 के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में की गयी घोषणा के अनुपालन में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मॉडल स्कूल योजना का प्रारंभ नवंबर, 2008 में किया था. मॉडल स्कूल खोले जाने का मुख्य उद्देश्य उत्कृष्टता के बैंचमार्क के रूप में ब्लॉक स्तर पर प्रति ब्लॉक एक स्कूल खोलकर प्रतिभावान ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना था.
जिसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में अच्छे स्तर का कम-से-कम एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की स्थापना कर प्रगति निर्धारण में अहम भूमिका निभाना था. मॉडल विद्यालयों में नवाचारी पाठ्यचर्या व नये तरीके से शिक्षण का प्रयोग कर बच्चों को परंपरागत शिक्षा से अलग शिक्षा प्रदान करने की योजना बनायी गयी थी.
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