बैंक प्रबंधन की लापरवाही से परेशानी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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चिंताजनक. खाता धारक 12 लाख, बीमा हुआ मात्र 3. 77 लाख लोगों का हाल प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का धीमी है योजना की गति शुरूआती दिनों में होती है परेशानी पूरे जिले में कार्यरत है विभिन्न बैंकों की लगभग 110 शाखा पूरे जिले में कार्यरत हैं 394 ग्राहक सेवा […]
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चिंताजनक. खाता धारक 12 लाख, बीमा हुआ मात्र 3. 77 लाख लोगों का
हाल प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना का
धीमी है योजना की गति
शुरूआती दिनों में होती है परेशानी
पूरे जिले में कार्यरत है विभिन्न बैंकों की लगभग 110 शाखा
पूरे जिले में कार्यरत हैं 394 ग्राहक सेवा केंद्र
जमुई : केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लोगों का शून्य बैलेंस पर खाता खोलने की शुरुआत की गयी थी. खाता खोलने के साथ साथ ही लोगों का प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत 12 रुपया प्रत्येक वर्ष प्रीमियम लेकर और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत 330 रुपया वार्षिक प्रीमियम लेकर बैंक प्रबंधन को सभी खाताधारक का बीमा करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन बैंक के असहयोगात्मक रवैया और सुस्त कार्यशैली के कारण यह योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है.
कुल खाताधारक लगभग 12 लाख के एवज में विभिन्न बैंक प्रबंधन द्वारा इन दोनों योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15,2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 के जून तक मात्र 3 लाख 76 हजार 559 लोगों का बीमा किया गया है. लोगों की माने तो बैंक प्रबंधन द्वारा इस योजना के प्रारंभ होने के शुरुआती दौर में काफी रुचि दिखाई गयी.
लेकिन धीरे धीरे इस योजना को लेकर बैंक प्रबंधन काफी सुस्त कपड़ा चला गया. जिसके कारण इस योजना की गति वर्तमान समय में काफी धीमी हो गयी है. इसी वजह से प्रधानमंत्री जनधन योजना के आठ लाख खाताधाराकों और लगभग 4 लाख बचत खाताधारियों में से मात्र 3 लाख 76 हजार के आस पास लोगों का बीमा किया गया है.
प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा व जीवन ज्योति योजना के तहत क्या मिलता है लाभ
प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना के तहत बैंक प्रबंधन द्वारा किसी भी खाताधारक का बीमा करने के बदले में 12 रुपया वार्षिक प्रीमियम खाता के माध्यम से काट लिया जाता है और इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा किसी भी खाताधारी को दुर्घटना से क्षति होने पर 2 लाख रुपया की सहायता देने का प्रावधान किया गया है. वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत खाताधारक का बीमा करने के बदले में बैंक प्रबंधन द्वारा 330 रुपया वार्षिक प्रीमियम की राशि खाताधारक के खाता के माध्यम से काट लिया जाता है.इसके बदले में सामान्य मृत्यु होने पर भी खाताधारक को दो लाख रुपया सहायता देने का प्रावधान किया गया है.
जिले में है कार्यरत हैं विभिन्न बैंकों की 110 शाखाएं अधिक पहुंचा
पूरे जिले के विभिन्न प्रखंडों में विभिन्न बैंकों की लगभग 110 शाखा कार्यरत है. जिसमें भारतीय स्टेट बैंक की 14, यूनियन बैंक की 2, यूको बैंक की 6, केनरा बैंक की 4, बैंक ऑफ इंडिया की 7, बैंक ऑफ बड़ौदा की 2, पंजाब नेशनल बैंक की 3, इलाहाबाद बैंक की 3, सेन्ट्रल बैंक की 1, इंडियन बैंक की 2,एचडीएफसी बैंक की 2 शाखा कार्यरत है. इसके अलावे आइसीआइसीआई की 1, एक्सीस बैंक की 1, आईडीबीआई की 1, बंधन बैंक की 3,बिहार ग्रामीण बैंक की 50, भू-अर्जन बैंक की 1 शाखा और सहकारिता बैंक की 6 शाखा के अलावे 394 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत है. इसके बाबजूद भी इस योजना की हालत बदतर है.
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