Indian Railways: रेल मंत्री जी, समय पर चलाइए ट्रेन, नहीं तो गंवानी पड़ेगी नौकरी...

Indian Railways: नौकरी नहीं गंवानी पड़े, इसलिए समय पर ट्रेन चलाने का निवेदन करता हूं. लोकल स्तर पर मेमो व डेमो ट्रेनों की लेटलतीफी से नौकरी-पेशा लोग परेशान हैं. सोशल मीडिया पर रेल मंत्री से कुछ इसी तरह लोगों ने अपनी समस्या बतायी है.
Indian Railways: नौकरी नहीं गंवानी पड़े, इसलिए समय पर ट्रेन चलाने का निवेदन करता हूं. लोकल स्तर पर मेमो व डेमो ट्रेनों की लेटलतीफी से नौकरी-पेशा लोग परेशान हैं. सोशल मीडिया पर रेल मंत्री से कुछ इसी तरह लोगों ने अपनी समस्या बतायी है. समस्तीपुर के रमेश कुमार ने सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ट्विटर पर टैग कर के बताया कि वे मुजफ्फरपुर में जॉब करते हैं. ट्रेन नंबर 15283 हमेशा लेट रहती है. इस वजह से समय पर मुजफ्फरपुर नहीं पहुंच पाते हैं. स्थिति ये है कि इस वजह से जॉब से निकाले जाने की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. ऐसे में ट्रेन तय समय पर चलाने की कृपा करें. वैसे तो लंबी दूरी की गाड़ी के विलंब होने की हर दिन तीन से चार शिकायतें रहती हैं. बरौनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर, सोनपुर के हजारों लोग ट्रेन के जरिये नौकरी करने आते-जाते हैं. लेकिन ट्रेनें लेट होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
बरौनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर, सोनपुर रूट पर मेमो व डेमो ट्रेन की संख्या कम है. ऐसे में कम फेरा होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. सुबह या शाम में दो बार ही ट्रेन चलती है. कई बार ज्यादा लेट होने पर मेमो व डेमों ट्रेन को रद्द भी कर दिया जाता है. इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मुजफ्फरपुर से हाजीपुर रोज आने वाले कमल गुप्ता बताते हैं कि प्राइवेचट नौकरी करते हैं. ऐसे में ट्रेन से आना जाना सस्ता पड़ता है. मगर कई बार ट्रेन काफी लेट हो जाती है. या रद्द हो जाती है तो परेशानी का सामना करना पड़ता है.
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सोमवार को बेटिकट यात्रा करने वालों के साथ-साथ महिला व विकलांग कोच में यात्रा करने वालों के खिलाफ मजिस्ट्रेट चेकिंग हुई. इस दौरान आरपीएफ के सहयोग से 102 यात्रियों को पकड़ा गया. इसमें 60 बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गये. 42 ऐसे लोग पकड़े गये, जो महिला व विकलांग कोच के अलावा गार्ड बोगी में जबरन यात्रा कर रहे थे. पुलिस की सहायता से सभी को हिरासत में लेते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. जहां, आर्थिक जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ा गया. रेलवे से मिले रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गये यात्रियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना हुआ है. न्यूनतम 200 से लेकर अधिकतम 1000 रुपये तक का जुर्माना वसूल किया गया.
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