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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज आते ही, घर-घर में बनने लगती हैं बिहार की ये ट्रेडिशनल मिठाई..जानिए इसकी खासियत

Updated at : 24 Aug 2025 9:47 AM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

Hartalika Teej 2025 बिहार में हरतालिका तीज का पर्व सिर्फ व्रत-उपवास तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें ट्रेडिशनल पकवान की भी खास जगह होती है. माना जाता है कि तीज की पूजा और थाली इन व्यंजनों के बिना अधूरी रहती है. यही वजह है कि हर साल तीज पर बिहार की ये मिठाइयां परंपरा और स्वाद का संगम बन जाती हैं.

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Hartalika Teej 2025 बिहार में हरतालिका तीज बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है. इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं. पूजा में पारंपरिक मिठाइयों का भी खास स्थान होता है. तीज पर घर-घर में ठेकुआ और पेड़किया जैसी मिठाइयां बनाई जाती हैं. पूजा के समय इन्हें भगवान को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है और बाद में परिवार और रिश्तेदारों के बीच बाँटा जाता है. कहा जाता है कि इन मिठाइयों के बिना तीज की पूजा अधूरी मानी जाती है.

ठेकुआ

ठेकुआ बिहार की सबसे मशहूर पारंपरिक मिठाई है, जिसे खासकर छठ पूजा और हरतालिका तीज पर बनाया जाता है. इसे गेहूँ के आटे, गुड़ या चीनी और घी से तैयार किया जाता है. तवे या कड़ाही में तला हुआ ठेकुआ कुरकुरा और लंबे समय तक खाने लायक रहता है. पूजा में इसे भगवान को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है.

पेड़किया

पेड़किया भी बिहार की लोकप्रिय मिठाई है, जिसे खास मौकों और तीज-त्योहार पर जरूर बनाया जाता है. इसे आटे की पतली लोई में नारियल, गुड़ और सूखे मेवों की भराई करके बनाया जाता है. फिर इसे घी में तलकर कुरकुरा किया जाता है.जो खाने वालों को तुरंत भा जाता है. तीज पर पेड़किया को पूजा में चढ़ाना शुभ माना जाता है.

इस पर्व मे भी होता है खास

बिहार में छठ पूजा का पर्व बिना ठेकुआ और पेड़किया के अधूरा माना जाता है. इस मौके पर महिलाएँ पूरे मन से ठेकुआ और पड़किया तैयार करती हैं और फिर इन्हें भगवान सूर्य और छठी मैया को अर्पित करती हैं. पूजा के बाद यही प्रसाद घर-घर बाँटा जाता है. माना जाता है कि इन मिठाइयों के बिना छठ पूजा पूरी नहीं होती.

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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