हाजीपुर. खरमास और कड़ाके की ठंड के कारण करीब एक महीने से मंद पड़े बाजार में मकर संक्रांति को लेकर चहल-पहल बढ़ गयी है. खासकर दूध-दही और तिलकुट का बाजार गर्म होता दिख रहा है. मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही जगह-जगह तिलकुट की सोंधी खुशबू फैलने लगी है. बाजार में तिलकुट की दुकानें सज गयी हैं. शहर में अनेक जगहों पर तिलकुट का निर्माण किया जा रहा है. भीषण ठंड के बावजूद लोग तिलकुट की खरीदारी के लिए दुकानों तक पहुंच रहे हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं. तिलकुट की दुकानों पर भीड़ बढ़ गयी है. दूध और दही के ऑर्डर भी होलसेल मंडी में आने शुरू हो गये हैं. शनिवार को धूप निकलने की वजह से बाजार में थोड़ी चहल-पहल देखने को मिली. मकर संक्रांति को देखते हुए दुकानदार ठंड की परवाह किये बिना डिमांड को पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं.
तिलकुट बाजार में तेजी, बढ़ी डिमांड
मकर संक्रांति के अब तीन-चार दिन शेष रह गये हैं. ऐसे में, ठंड के बावजूद शहर के तिलकुट बाजार में रौनक बढ़ गयी है. शहर में खोले गये दो दर्जन से अधिक तिलकुट के बड़े कारखानों से रोजाना करीब एक हजार किलो गुड़ के तिलकुट की खपत हो रही है. इसके अलावा खोआ और चीनी के तिलकुट तथा बादामपट्टी की भी अच्छी खपत है. तिलकुट कारखाने में 10 से 15 कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं. शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब तिलकुट की खपत बढ़ गयी है. मकर संक्रांति का पर्व जैसे-जैसे करीब आ रहा है, तिलकुट बाजार में तेजी आ रही है और दुकानें भी बढ़ रही हैं. बाजार में गुड़ का तिलकुट 320 से 360 रुपये किलो और चीनी का तिलकुट 300 से 340 रुपये किलो मिल रहा है. दुकानदारों का कहना है कि मकर संक्रांति से एक-दो दिन पहले तिलकुट के कारोबार में और तेजी आयेगी. इसे ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है. डिमांड के अनुसार तिलकुट बनाये जा रहे हैं. शहर के राजेंद्र चौक, गुदरी बाजार, स्टेशन रोड, सिनेमा रोड, गांधी चौक समेत कई स्थानों पर तिलकुट की दुकानें सज गयी हैं.
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