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कचरा के ढेर के पास झाड़ी से मिली नवजात बच्ची, सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती

Updated at : 18 Oct 2024 10:22 PM (IST)
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कचरा के ढेर के पास झाड़ी से मिली नवजात बच्ची, सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती

सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी गांव स्थित पुलिस लाइन के पास कचरे के ढेर से एक नवजात बच्ची को बरामद किया गया है. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कचरा फेंकने गये एक सफाई कर्मी ने कचरा के ढेर से बच्ची को उठाकर इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी.

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हाजीपुर.

सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी गांव स्थित पुलिस लाइन के पास कचरे के ढेर से एक नवजात बच्ची को बरामद किया गया है. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कचरा फेंकने गये एक सफाई कर्मी ने कचरा के ढेर से बच्ची को उठाकर इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी. जानकारी मिलते ही काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गये. लोगों ने इसकी सूचना डायल 112 तथा सदर थाना की पुलिस को दी. सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गयी. बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर के करीब एक व्यक्ति सदर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन के पास सड़क किनारे कचरा के ढेर से कचरा चुन रहा था. इसी दौरान उसे किसी नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनायी दी. आवाज सुनकर कचरा चुनने वाले ने करीब जाकर देखा तो पुल के नीचे झाड़ी में एक नवजात बच्ची पड़ी रो रही थी. उसने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी. जानकारी मिलते ही काफी संख्या में लोग जुट गये. लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची सदर थाना की पुलिस ने बच्ची को लेकर इलाज के लिए सदर अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया है. इस संबंध में सदर थानाध्यक्ष रविकांत पाठक ने बताया कि पुलिस लाइन के पास स्थित झाड़ी से एक नवजात बच्ची बरामद किया गया है. बच्ची को सदर अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है. मामले की जांच की जा रही है.

बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ का नारा हो रहा बेअसर :

एक तरफ सरकार बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद कर रही है. इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के साथ लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद कुछ कुंठित विचार के लोग बच्ची को भार समझ कर या तो भ्रूण के रूप में ही उसकी हत्या कर दी जाती है या जन्म लेने के बाद लोग उसे कचरे, नाला या झाड़ियों में फेंक देते हैं. हालांकि कई बार अवैध संबंध के दौरान जन्मी बच्ची भी ऐसी घटनाओं का शिकार हो रही है. जिसका कुप्रभाव समाज पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अभी भी सामाजिक स्तर पर व्यापक बदलाव लाने की आवश्यकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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