हाजीपुर: किसान गोष्ठी में पहुंचे केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण पर दिया बड़ा संदेश

Edited by Vivek Pandey
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सांकेतिक तस्वीर

Hajipur News: हाजीपुर के सिंदुआरी पंचायत में कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली द्वारा आयोजित किसान गोष्ठी में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर शामिल हुए. कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण और महिला किसानों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया.

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Hajipur News (नीरज कुमार): डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत प्रखंड हाजीपुर की सिंदुआरी पंचायत में वृहद किसान गोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सैकड़ों महिला एवं पुरुष प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इनमें लगभग 70 प्रतिशत भागीदारी महिला किसानों की रही.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर रहे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने की.

विशिष्ट अतिथियों में विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा, आईसीएआर, नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केशव, विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. डी. के. राय, मत्स्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. पी. श्रीवास्तव, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. उषा सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे. इसके अलावा बिहार विधान परिषद एवं बिहार विधानसभा के जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.

मिट्टी बचाने और प्राकृतिक खेती अपनाने का दिया संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत भाषण से हुई. कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने “खेत बचाओ अभियान” के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई.

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और संसाधन संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी. आईसीएआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केशव ने प्राकृतिक खेती की अवधारणा, सिद्धांत और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की.

रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की अपील

कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित किया जा सकता है. उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल महिला किसानों की सराहना भी की.

मुख्य अतिथि रामनाथ ठाकुर ने कृषि विज्ञान केंद्र और विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती एवं मृदा संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाकर ही देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

नौ प्रगतिशील किसानों और महिला कृषकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले नौ प्रगतिशील किसानों एवं महिला कृषकों को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया.

सम्मानित किसानों में वीरचंद्र सिंह, तेज नारायण सिंह, सत्येंद्र कुमार सहनी, मुकेश कुमार, अनु कुमारी, संजीव कुमार, आभा कुमारी, अनिता कुमारी और नीलम देवी शामिल रहे.

कई विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. विकास कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी प्रशांत झा, उप परियोजना निदेशक आत्मा सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे. वहीं जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा, सुभाष चंद्र सिंह, संजय कुमार सिंह तथा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, प्रखंड प्रमुख, मुखिया और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई.

जीविका और आगा खान फाउंडेशन का रहा अहम योगदान

इस वृहद कार्यक्रम के सफल आयोजन में जीविका, आगा खान फाउंडेशन, हीफर तथा पंचायत के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा. कार्यक्रम के संचालन एवं व्यवस्थाओं में इंजीनियर कुमारी नम्रता, डॉ. कविता वर्मा, डॉ. जोना दाखो, इशिता सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, अंशुमान द्विवेदी, रमाकांत, सोनू, मोहित एवं दीपक सहित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

कार्यक्रम का समापन कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली की विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जोना दाखो द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.

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लेखक के बारे में

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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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