hajipur news. मेडिकल काॅलेज के लंबित कार्यों को दो माह में करें पूरा : प्रबंध निदेशक
Published by : Abhishek shaswat Updated At : 15 Jun 2025 6:19 PM
महुआ में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का रविवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर काॅरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) के प्रबंध निदेशक निलेश देओरे ने औचक निरीक्षण किया
हाजीपुर. महुआ में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का रविवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर काॅरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) के प्रबंध निदेशक निलेश देओरे ने औचक निरीक्षण किया. इस अवसर पर डीएम वर्षा सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, बीएमएसआइसीएल के अभियंता व संबंधित एजेंसी के पदाधिकारीगण मौजूद थे.
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने मेडिकल कालेज परिसर में निर्माणाधीन ओपीडी भवन, एकेडमिक ब्लाॅक, छात्रावास (हास्टल) भवन, स्टाफ क्वार्टर, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) व आंतरिक सड़क निर्माण की प्रगति का जायजा लिया. इन्होंने प्रत्येक घटक पर कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की कि कार्य अपेक्षित गति से पूर्ण नहीं हो रहा है.उन्होंने कार्य एजेंसियों को मजदूरों की संख्या को तत्क्षण दोगुना करने और तीन पालियों में काम करवाकर लंबित कार्यों को दो माह में हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा और बीएमएसआइसीएल के अधिकारियों को लगातार निगरानी सुनिश्चित करनी होगी.
सदर अस्पताल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें
महुआ में मेडिकल कालेज के निरीक्षण के पश्चात नीलेश देओरे व डीएम वर्षा सिंह ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) ब्लाक निर्माण योजना की समीक्षा की गई तथा संभावित स्थानों का भौतिक सत्यापन किया गया.निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर लघु मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है. जिसके बाद डीएम ने सिविल सर्जन एवं भवन निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्यों की सूची बनाकर तत्काल स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजें एवं 15 दिन के भीतर कार्य आरंभ कराएं. डीएम ने अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, जन औषधि केंद्र, आपातकालीन कक्ष, लेबर रूम एवं रजिस्ट्रेशन काउंटर का भी निरीक्षण किया. इन्होंने चिकित्सकों एवं स्टाफ से सीधा संवाद कर मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली और कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और त्वरित सेवा शासन की प्राथमिकता है.
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में उपस्थिति व्यवस्था, उपकरणों की स्थिति और दवाओं की उपलब्धता पर भी समीक्षा की गई. डीएम ने कहा कि जिले में चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्य करना होगा. प्रशासन की प्राथमिकता है कि आने वाले समय में वैशाली को एक सुदृढ़ स्वास्थ्य और शैक्षणिक ढांचा मिले.डीएम ने कई सुधारों के लिए दिया निर्देश
मातृ शिशु भवन भवन के ग्राउंड फ्लोर पर नवजात शिशुओं को दूध पिलाने के उद्देश्य से एक कमरे को चिह्नित कर कंगारू केयर मदर रूम बनाएं.सदर अस्पताल के लेबर रूम में व्यवस्थित ढंग से लेबर टेबल लगाएं.
विशेष नवजात शिशु इकाई (एसएनसीयू) को और बेहतर तरीके से संचालित करें.सदर अस्पताल में पर्याप्त संख्या में व्हील चेयर एवं स्ट्रेचर को बढ़ाएं.
सदर अस्पताल में संचालित कैदी वार्ड को बेहतर ढंग से संचालित करें.उपाधीक्षक सभी विभागों में रोस्टर के अनुसार पर्याप्त कार्य करें,अन्यथा होगी कार्रवाई.
दवाओं की इन्वेन्ट्री को ठीक से रखें.सफाई को और बेहतर ढंग से कराएं. रैम्प पर किसी प्रकार के कपड़े नही सुखाए जाएं.
एएनएम स्कूल को शिफ्ट कराने के बाद भवन को तोड़कर सीसीयू बनाएंडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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