बिहार में रातों रात करोड़पति बने पेंशनधारी, बैंक बैलेंस देख उड़े होश, तीन जिलों में एक जैसा मामला, क्या है माजरा?

पासबुक में बैलेंस दिखाती हुई महिला
Bihar Old Age Pension: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 10 जुलाई को पेंशनधारियों के खाते में टोटल 1423.94 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की. इसके बाद कुछ पेंशनधारी जब अपने अकाउंट से पैसे निकालने पहुंचे तो बैंक बैलेंस देख उनके होश उड़ गए. अरबों और करोड़ों रुपये देख उनकी परेशानी बढ़ गई.
Bihar Old Age Pension: बिहार के गयाजी, नवादा और वैशाली जिले से एक जैसा मामला सामने आया है. सीएम सम्राट चौधरी ने 1100-1100 रुपये पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए थे. इसके बाद पेंशनधारी रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचे. लेकिन जब उन्होंने अपना बैंक बैलेंस चेक किया तो उनके अकाउंट में करोड़ों रुपये दिखे.
हाजीपुर में एक पेंशनधारी चंद्रदीप राय के खाते में 7 अरब 40 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रुपये दिखाए. इसके अलावा गयाजी और नवादा में भी पेंशनधारियों के खाते में करोड़ों रुपये दिखे. इस मामले को लेकर जब बैंक मैनेजर से बातचीत की गई तो वे भी दंग रह गए. लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और जांच की बात कही.
यहां गड़बड़ी की जताई जा रही संभावना
इन तीनों मामले में एक कॉमन चीज यह देखी गई कि ये सभी पेंशनधारी सीएसपी केंद्र से पैसे निकालने गए थे और संभावना जताई जा रही है कि यहीं से किसी तरह की टेक्निकल गड़बड़ी हो सकती है. सीएसपी केंद्र से पैसे निकालने के लिए पेंशनधारी का बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी होता है.
सीएसपी केंद्र पर जाने के बाद आधार कार्ड का डिटेल्स देने के बाद ऑपरेटर बायोमेट्रिक मशीन से अंगूठा या उंगली को स्कैन करता है. इसके बाद आधार डेटाबेस से पहचान सत्यापित होने के बाद अकाउंट से पैसे कट जाते हैं और नगद राशि दे दी जाती है. अब जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि गड़बड़ी कहां से हुई.
जानिए गयाजी का मामला
गयाजी शहर की बात करें तो, एक ई-रिक्शा चालक के बैंक खाते में अचानक 759 करोड़ 69 लाख रुपये का बैलेंस दिखने लगा. शिव कुमार पटेल नाम के यह ई-रिक्शा चालक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र पर अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रुपये निकालने गए थे. निकासी के बाद आये बैंक मैसेज में अरबों रुपये का बैलेंस देखकर न सिर्फ वह, बल्कि बैंक कर्मी भी हैरान रह गए.
इस मामले में फिलहाल बैंक मैनेजर ने खाते से किसी भी तरह के लेनदेन पर रोक लगा दी है और आज (सोमवार) को बैंक खुलने पर इस पूरी गड़बड़ी की जांच की जायेगी. शिव कुमार पटेल एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालते हैं.
नवादा जिले से भी मामला आया सामने
नवादा जिले में रेखा देवी के खाते में 740 करोड़ रुपये बैंक बैलेंस दिखाने लगा. इतनी बड़ी राशि आने के बाद रेखा देवी की तबीयत भी बिगड़ने लगी. वह बताती हैं कि इतनी राशि उन्होंने कभी नहीं देखा और उनके साथ यह भद्दा मजाक किया गया है. वह हार्ट पेशेंट भी हैं. लेकिन उन्होंने मदद की गुहार भी लगाई है. उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस मामले में जिनकी भी गलती रही है उनके ऊपर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए.
हाजीपुर में दो लोगों के साथ एक जैसा मामला
हाजीपुर की बात करें तो, पहला मामला महुआ प्रखंड की गोविंदपुर पंचायतक के चखाजे गांव का है, जहां एक पेंशनधारी चंद्रदीप राय उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की एक सीएसपी केंद्र पर अपनी मासिक पेंशन की 1100 रुपये की राशि निकालने पहुंचे थे. सीएसपी संचालक अजय कुमार सिंह ने पेंशन निकासी के बाद जब खाते में शेष राशि की जांच की तो उसमें 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये से अधिक की राशि देख उनके होश उड़ गए.
दूसरा मामला जंदाहा प्रखंड के खोपी गांव निवासी पेंशनधारी राजन सिंह के खाते में 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखी. बीडीओ ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. संबंधित बैंक और विभागीय स्तर पर तकनीकी जांच कराई जा रही है.
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By प्रीती दयाल
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