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Hajipur News : सीएम नीतीश ने एक-एक चीज को बारीकी से देखा

Updated at : 29 Jul 2025 10:18 PM (IST)
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Hajipur News : सीएम नीतीश ने एक-एक चीज को बारीकी से देखा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार की दोपहर 3:30 बजे वैशाली पहुंचे, जहां वे स्तूप परिसर में लगे इ-रिक्शा से बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय परिसर में आयोजित उद्घाटन स्थल पर पहुंचे. मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक बौद्ध परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया.

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वैशाली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार की दोपहर 3:30 बजे वैशाली पहुंचे, जहां वे स्तूप परिसर में लगे इ-रिक्शा से बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय परिसर में आयोजित उद्घाटन स्थल पर पहुंचे. मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक बौद्ध परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया. बौद्ध भिक्षुओं ने पुष्पवर्षा कर जयकारों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. इसके बाद मुख्यमंत्री संग्रहालय परिसर स्थित बौद्ध स्तूप के ऊपरी तल पर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बुद्ध के पावन अस्थि कलश और बुद्ध प्रतिमा के दर्शन किये. वे करीब 15 मिनट तक स्तूप के ऊपरी तल पर ठहर कर विभिन्न धार्मिक अवशेषों और निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन करते रहे. इस कार्यक्रम में थाईलैंड, जापान, वियतनाम, कंबोडिया सहित कई देशों से आये बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया. तत्पश्चात मुख्यमंत्री नीचे उतर कर स्तूप के भीतरी भाग में पहुंचे और वहां विराजमान बुद्ध प्रतिमा के दर्शन किये.

अस्थि कलश में सोने व चांदी का टूकड़ा, तांबे का सिक्का व दो छोटे शंख भी रखे

हाजीपुर. पावन बुद्ध अस्थि कलश जो मंगलवार को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप में रखा गया उसमें आधे से कुछ अधिक हिस्सा में महात्मा बुद्ध के चित्ता के भस्मावशेष रखा है. इसके साथ-साथ कुछ अन्य चीजें भी रखी गयी हैं. इनमें सोने व चांदी का एक-एक टूकड़ा, तांबा का सिक्का और दो छोटे-छोटे शंख शामिल हैं. खुदाई में मिलने के बाद से यह लगभग आठ वर्ष केपी जयसवाल शोध संस्थान में और 59 वर्ष पटना म्यूजियम में रखा लेकिन इस अस्थि कलश को खोलकर किसी को नहीं दिखाया गया क्योंकि बार बार खोलने पर भस्मावशेषों के हवा में उड़ने का खतरा था. हालांकि सोने व चांदी का टूकड़ा, तांबा का सिक्का और दो छोटे शंख जो खुदाई के दौरान पत्थर के बने छोटे अस्थि कलश में मिले थे, उनको उससे निकालकर उसके बगल में ही प्रदर्शित कर दिया गया था. भगवान बुद्ध का अस्थि कलश पटना म्यूजियम में विशेष स्तूपनुमा गैलरी बना कर उसमें रखा गया था. उस गैलरी में भगवान बुद्ध के अवशेष के अलावा केवल उनकी कुछ मूर्तियों और उनसे संबंधित वस्तुओं को रखा गया था. साथ ही बुद्ध अस्थि कलश के चारों ओर उस पूरे घटनाक्रम को भी दर्शाया गया था जिसमें भगवान बुद्ध का अस्थि कलश प्राप्त हुआ.

अल्टेकर ने करवाई थी खुदाई

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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