लाठी की ताकत से युवाओं को नहीं दबा सकती सरकार, माले नेता ने 19 लाख रोजगार को लेकर कही ये बात…

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Bihar Vidhaan Sabha: विधानसभा के बाहर मंगलवार को भाकपा -माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा -जदयू ने 19 लाख रोजगार देने का वाद युवाओं से किया था, लेकिन बजट में इसको लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है कि लोगों को रोजगार कैसे मिलेगा.

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पटना. विधानसभा के बाहर मंगलवार को भाकपा -माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा -जदयू ने 19 लाख रोजगार देने का वाद युवाओं से किया था, लेकिन बजट में इसको लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है कि लोगों को रोजगार कैसे मिलेगा.

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जब राज्य के युवाओं ने रोजगार मांगने के लिए सोमवार को सड़क पर मार्च किया, तो उन पर लाठीचार्ज किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं की मांग को लाठी से दबाने की कोशिश की है. मार्च में शामिल विधायकों को भी नहीं बख्शा गया, उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गयी.

हम सभी विधायक युवा की मांग को लगातार सदन और सड़क पर उठाते रहेंगे. इसके लिए सरकार भले ही लाठी से हमें रोकने की कोशिश करें. इस तरह से मंगलवार को परिसर में घंटों तक माले नेताओं ने जम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है.

विधानसभा में शून्यकाल में हंगामा

बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजद, कांग्रेस व माले सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर हंगामा किया. सदस्यों ने सरकार से सही जवाब नहीं मिलने पर वेल में आकर हंगामा किया. इसकी शुरुआत राजद के दरभंगा ग्रामीण के विधायक ललित कुमार यादव ने की.

तारांकित प्रश्न के माध्यम से ललित कुमार यादव ने सरकार से जानना चाहा था कि समाज कल्याण विभाग से समेकित बाल विकास परियोजना के तहत सभी कार्यालयों में एक ही जगह पर 10-15 वर्षों से लिपिक संवर्ग के कर्मियों के पदस्थापित है. जो लोग सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनको भी उसी कार्यालय में फिर से नियोजित कर दिया गया है.

जवाब में समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी ने बताया कि जिन दो लिपिकों की बात की जा रही है, उनको एक मार्च, 2021 को स्थानांतरण का आदेश जिलाधिकारी को दिया जा चुका है. इधर, माले सदस्यों ने शिक्षक नियोजन की मांग करनेवाले बेरोजगारों के साथ विधायकों पर लाठी चार्ज को लेकर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

सदस्यों के हंगामा और अवध बिहारी चौधरी के हस्तक्षेप के बाद मंत्री ने राजद विधायक का जवाब प्रश्नोत्तर काल के बाद शून्यकाल में दिया. इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस प्रकार के जवाब की अनुमति दी गयी है वह उदाहरण नहीं होगा.यह विशेष मामले के रूप में देखा जाना चाहिए.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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