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बिहार में मां सरस्वती की पूजा आज, जानें एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली का पहला ताल कब ठोकेंगे गांवों के लोग

Updated at : 03 Feb 2025 4:10 AM (IST)
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saraswati puja basant Panchami

saraswati puja basant Panchami

Basant Panchami 2025: बिहार में वसंत पंचमी आज है. आज मां सरस्वती की पूजा की जाएगी. इसके साथ ही आज लोग एक-दूसरे को गुलाल लगायेंगे और होली की पहला ताल ठोकेंगे.

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Basant Panchami 2025: ऋतुराज वसंत का आगमन हो गया है. ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की पूजा-अर्चना सोमवार को होगी. स्कूलों व कॉलेजों के अलावा घरों पर में भी विद्या की देवी की आराधना की तैयारी जोर-शोर से की गयी है. उधर, सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन भी हाईअलर्ट मोड में है. संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. पुलिस को हाईअलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया गया है. गोपालगंज के पुलिस कप्तान अवधेश दीक्षित की ओर से कड़े निर्देश जारी किये गये हैं. पूजा से लेकर विसर्जन तक अलर्ट किया गया है. पूजा समितियों को नियमों का पालन करने का निर्देश दिये गये हैं. राज्य में पिछली घटनाओं को लेकर कोई चूक नहीं हो, इसका पूरा ख्याल प्रशासन रख रहा है. सुरक्षा इंतजामों की निगरानी खुद डीएम प्रशांत कुमार सीएच व एसपी अवधेश दीक्षित रख रहे हैं. कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही. इसके अलावा थाना स्तर से भी निगरानी की जा रही है. खुफिया एजेंसियां भी जिले में अलर्ट मोड में हैं.

गुलाल के साथ होगी होली की शुरुआत, फगुआ का बजेगा पहला ताल

सरस्वती पूजा के साथ ही सोमवार से होली की शुरुआत हो जायेगी. मां सरस्वती को भी गुलाल चढ़ेगा. इसके बाद लोग भी एक-दूसरे को गुलाल लगायेंगे. गांवों में लोग होली की पहला ताल ठोकेंगे. वहीं होलिका भी लगायी जायेगी. महिलाएं वसंत पंचमी को पीली साड़ी एवं चूड़ियां पहनती हैं. माता सरस्वती को पीला रंग प्रिय है. इस वजह से लोग सरस्वती पूजा के दिन पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, जो शुभ माना जाता है. इसके अलावा वसंत पंचमी के अवसर पर सरसों के पीले फूल भी धरती के आंचल को पीला कर देते हैं. लोग प्रकृति के साथ मिलकर वसंत का उत्सव मनाते हैं और उसमें पीले रंग के कपड़े पहनकर उस उत्सव को और भी मनमोहक बना देते हैं. आचार्य बताते हैं कि मां सरस्वती के एक हाथ में पुस्तक है. वे कमल के फूल पर विराजमान हंसवाहिनी हैं, वे विद्या एवं बुद्धि की देवी हैं. मां सरस्वती प्रकृति की देवी हैं इसलिए उन्हें पीला रंग पसंद है.

पूजा सामग्री के साथ ही फल-फूल की दुकानों पर रही भीड़

रविवार को पूजा की तैयारियों को लेकर बाजार में चहल-पहल रही. पूजा सामग्री के साथ ही फल-फूल की दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ लगी रही. वहीं, मूर्ति कारीगरों के पास भी युवाओं की भीड़ दिखी. लोग अपने-अपने पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने के लिए तैयारी में जुट गये हैं, पूजा को लेकर बेर, गाजर, बुंदिया आदि की खरीदारी की जा रही है. इधर, पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाने का काम पूरा कर लिया गया है, आकर्षक पंडालों में रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट की गयी है. फूलों से भी पंडालों को सजाया गया है. बता दें कि जिले में 15 हजार से अधिक जगहों पर पूजा की व्यवस्था की गयी है. विद्या की देवी मां शारदे के पूजन को लेकर शैक्षणिक संस्थानों के अलावा गांव से शहर तक उत्साह और उमंग है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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