गोपालगंज: सुरक्षित शनिवार में बच्चों को सिखाए बाढ़ और डूबने से बचाव के उपाय, स्कूलों में हुआ मॉक ड्रिल

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फोटो:- सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम पर बच्चों को मानसून में बचाव की जानकारी देते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम पर बच्चों को मानसून में बचाव की जानकारी देते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

गोपालगंज जिले के सरकारी स्कूलों में 'सुरक्षित शनिवार' के तहत बाढ़ और जलजमाव से बचाव के उपाय सिखाए गए। इस कार्यक्रम में छात्रों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, डूबने से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के माध्यम से बचाव के तरीके भी सिखाए गए।

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Gopalganj News: मानसून के दौरान बाढ़ और जलजमाव की आशंका को देखते हुए शनिवार को गोपालगंज जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम (एमएसएसपी) के तहत सुरक्षित शनिवार मनाया गया. इस बार कार्यक्रम का विषय "बाढ़ से खतरे एवं डूबने से बचाव के उपाय" रहा. विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, डूबने से बचाव, प्राथमिक उपचार और आपदा के समय सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी दी गयी.

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यालयों को गतिविधियों की रिपोर्ट ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया.

बाढ़ के दौरान क्या करें, क्या नहीं करें

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि बाढ़ आने पर प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए. आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाना चाहिए. बच्चों को बाढ़ के पानी के पास खेलने या पानी की गहराई जाने बिना उसमें उतरने से बचने की सलाह दी गयी.

विद्यार्थियों को उबला हुआ पानी पीने, भोजन को ढंककर रखने और भीगे हुए खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करने के लिए भी जागरूक किया गया.

आपातकालीन किट तैयार रखने की दी सलाह

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेजों को प्लास्टिक में सुरक्षित रखने और पहले से आपातकालीन किट तैयार रखने की जानकारी दी. किट में टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, रस्सी, माचिस, मोमबत्ती, पीने का पानी और सूखा खाद्य पदार्थ रखने की सलाह दी गयी.

मॉक ड्रिल के जरिए सिखाये बचाव के तरीके

कार्यक्रम के दौरान कई विद्यालयों में मॉक ड्रिल भी करायी गयी. बच्चों को धोती, साड़ी, रस्सी, बांस तथा आसपास उपलब्ध संसाधनों की मदद से डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के तरीके बताए गये.

साथ ही समझाया गया कि किसी के डूबने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल आसपास के लोगों और प्रशासन को सूचना दें. विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के बारे में भी जानकारी दी गयी.

जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर

शिक्षकों ने कहा कि बरसात के दिनों में नदी, नहर और तालाबों में डूबने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में बच्चों और अभिभावकों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है. सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना है.

कार्यक्रम के बाद सभी विद्यालयों ने अपनी गतिविधियों का विवरण ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया.


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