गोपालगंज: फुलवरिया में हथकड़ी पहने पिता के जनाजे में पहुंचा बेटा, भारी मन से दी अंतिम विदाई

पुलिस की हथकड़ियों में जकड़ा नौशाद | Prabhat Khabar Network
पिता की मौत की खबर ने जेल में बंद बेटे को भावुक कर दिया. न्यायालय से पैरोल मिलने के बाद पुलिस की अभिरक्षा में नौशाद आलम अपने पिता के जनाजे में पहुंचा. पिता की मय्यत के पास पहुंचते ही उसकी आंखें नम हो गईं.
Gopalganj News: गोपालगंज के फुलवरिया में पिता की मौत की खबर ने जेल में बंद बेटे को भावुक कर दिया. न्यायालय से पैरोल मिलने के बाद पुलिस अभिरक्षा में हथकड़ी पहने नौशाद आलम अपने पिता फकरू मियां के जनाजे में शामिल होने पहुंचा. पिता की मय्यत के पास पहुंचते ही उसकी आंखें नम हो गईं. भारी मन से उसने अंतिम रस्म पूरी की और पिता की मगफिरत के लिए दुआ की.
हथकड़ी में जकड़ा बेटा देख नम हुई लोगों की आंखें
फुलवरिया थाना क्षेत्र के बथुआ बाजार में शनिवार को यह भावुक दृश्य देखने को मिला. चार वर्ष पुराने चर्चित मछली व्यवसायी हत्याकांड के मुख्य आरोपित नौशाद आलम को न्यायालय से सीमित अवधि की पैरोल मिलने के बाद पुलिस अभिरक्षा में पिता के जनाजे में शामिल कराया गया. हथकड़ी पहने नौशाद जब पिता के पार्थिव शरीर के पास पहुंचा तो वह भावुक हो उठा.
नम आंखों से पिता को दी अंतिम विदाई
नौशाद ने कांपते हाथों से पिता की मय्यत को मिट्टी दी और उनकी मगफिरत के लिए दुआ की. अंतिम रस्म के दौरान वह लगातार भावुक नजर आया. मौके पर मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य काफी मार्मिक था. जिस बेटे को पिता के जनाजे में कंधा देना था, वह खुद पुलिस की निगरानी और हथकड़ियों में जकड़ा हुआ था. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होते ही पुलिस उसे वापस जेल ले गई.
2023 में हुई थी मछली व्यवसायी की हत्या
मई 2023 में लाढ़पुर गांव में घर के बाहर सो रहे मछली व्यवसायी मोहम्मद मियां की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. घटना के बाद मृतक की पत्नी नूरजहां खातून के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस जांच के दौरान प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया था. पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश में नौशाद आलम और मृतक की पत्नी की संलिप्तता सामने आयी थी. घटना के करीब एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
पिता की मौत पर कोर्ट ने दी थी पैरोल
शुक्रवार शाम नौशाद आलम के पिता फकरू मियां का निधन हो गया था. इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए न्यायालय से पैरोल की मांग की थी. न्यायालय ने मानवीय आधार पर सीमित अवधि के लिए पैरोल की अनुमति दी. इसके बाद पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बथुआ बाजार लेकर पहुंची. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया.
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By Prabhat Khabar News Desk
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