गोपालगंज में फसल सहायता योजना और धान अधिप्राप्ति की संयुक्त निबंधक ने की समीक्षा

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फोटो नं 19- योजनाओं की समीक्षा करते जेआर | Prabhat Khabar Network

योजनाओं की समीक्षा करते जेआर | Prabhat Khabar Network

गोपालगंज में धान की सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा बैठक में संयुक्त निबंधक ने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई. उन्होंने 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत आपूर्ति पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है.

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गोपालगंज: दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के सभागार में बुधवार को सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सारण के संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां सैयद मसरूक आलम ने की. इस दौरान बिहार राज्य फसल सहायता योजना, धान अधिप्राप्ति, उर्वरक अनुज्ञप्ति और सब्जी उत्पादक समितियों की प्रगति की समीक्षा की गई.

बैठक में संयुक्त निबंधक ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत किसानों के निबंधन की प्रखंडवार स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.

बैकुंठपुर में 681 किसानों के आवेदन लंबित

समीक्षा के दौरान बैकुंठपुर प्रखंड में 5928 योग्य किसानों में से 681 किसानों के आवेदन बीडीओ स्तर पर लंबित पाए गए. इस पर संयुक्त निबंधक ने प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (बीसीओ) को बीडीओ से समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कराने का निर्देश दिया.

वहीं कुचायकोट के दोनों कलस्टरों में 4425 योग्य किसानों में से 491 आवेदन तथा सिधवलिया प्रखंड में 1005 किसानों में से 325 आवेदन लंबित मिले. अधिकारियों को सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया.

31 जुलाई तक सीएमआर आपूर्ति पूरी करने का निर्देश

धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में किसानों से खरीदे गए 58683.90 मीट्रिक टन धान के बदले 39318.21 मीट्रिक टन सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जाना है.

अब तक 94.12 प्रतिशत यानी 37445.22 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति की जा चुकी है. संयुक्त निबंधक ने फुलवरिया, कुचायकोट, सिधवलिया, कटेया और गोपालगंज प्रखंडों में जिले के औसत से कम सीएमआर आपूर्ति पर नाराजगी जताई.

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हर हाल में 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही राइस मिलों और पैक्सों का नियमित भ्रमण कर सीएमआर आपूर्ति में तेजी लाने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

16 पैक्सों को मिली उर्वरक अनुज्ञप्ति

उर्वरक अनुज्ञप्ति की समीक्षा के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले के 67 पैक्सों ने प्रशिक्षण के लिए आवेदन दिया था. इनमें से 38 पैक्स प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. वहीं 16 पैक्सों को उर्वरक अनुज्ञप्ति मिल चुकी है, जबकि शेष पैक्सों की प्रक्रिया जारी है.

संयुक्त निबंधक ने प्रशिक्षित पैक्सों को जल्द उर्वरक अनुज्ञप्ति दिलाने के लिए जिला कृषि पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही ईफको के क्षेत्रीय पदाधिकारी से उर्वरक व्यवसाय करने वाले पैक्सों से संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त करने को कहा.

सब्जी उत्पादक समितियों की भी हुई समीक्षा

बैठक में प्राथमिक सब्जी उत्पादक समितियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि बरौली और मांझा की समितियां अवक्रमित हैं, जबकि अन्य समितियों के निर्वाचन से संबंधित प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं.

संयुक्त निबंधक ने पंचायत स्तर पर सब्जी संग्रहण केंद्र, रिटेल आउटलेट और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है, वहां अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया पूरी की जाए.

बैठक में डीसीओ दिव्या झा, सहायक निबंधक सतीश मिश्रा, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक सुमन कुमार सिंह, जनसंपर्क पदाधिकारी निखिल कुमार सिंह सहित जिले के सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Sanjay Kumar Abhay

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