गोपालगंज. पश्चिम बंगाल के हावड़ा में गोपालगंज के कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. 30 सितंबर की रात बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर घटना को अंजाम दिया. हत्या किसने की, किस लिए हुई, इसका अब तक खुलासा नहीं हो सका.
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने गोपालगंज पुलिस से संपर्क करने के बाद मामले की जांच की और शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया. इधर, दो अक्टूबर को सुरेश यादव का शव गोपालगंज के कुकुरभुक्का गांव पहुंचा.आवास के पास टहलने के दौरान अपराधियों ने दिया घटना को
अंजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरेश यादव दशहरा के मौके पर हावड़ा में स्थित अपने आवास के पास शाम को टहल रहा था. इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने गोलियों से भूनकर उसकी हत्या कर दी. एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस सुरेश यादव हत्याकांड के मामले की जांच कर रही है. गोपालगंज पुलिस इसमें सहयोग कर रही है. कहा जा रहा है कि सुरेश यादव की हत्या रेकी करने के बाद प्लानिंग के तहत की गयी है.
पहले कभी सुरेश यादव पर हो चुका था हमला
इसके पहले 2020 में सुरेश यादव को गोपालगंज में अपराधियों ने चार गोलियां मारी थीं, लेकिन इलाज के बाद उनकी जान बच गयी थी. सुरेश यादव पर गोपालगंज में कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह की हत्या, समता पार्टी के नेता गिरीश सिंह समेत उनके दो रिश्तेदारों और तिरविरवा पंचायत के मुखिया अमरजीत यादव की हत्या समेत 49 अपराधिक मामले दर्ज हैं.
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