Gopalganj News : मां सिंहासनी के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने मांगी सुख और समृद्धि

Gopalganj News : शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी को बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में एक थावे मंदिर में मां सिंहासनी के दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था.
थावे. शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी को बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में एक थावे मंदिर में मां सिंहासनी के दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था. सुबह के तीन बजे से ही दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार देर शाम तक रही. देश के कोने-कोने से आये भक्त अपलक मां के दर्शन को लालायित दिखें.
जयकारे के बीच किये दर्शन
शंख, नगाड़ा, शहनाई की धुन पर माता के जयकारे के बीच – किसी ने गर्भगृह में शीश नवा कर पूजा की, तो कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने माता के जयकारा लगाते हुए मां सिंहासनी के दर्शन किये. पूरा दिन मंदिर परिसर माता के जयकारे से गूंजता रहा. श्रद्धालुओं ने मां से सुख और समृद्धि की कामना की. श्रद्धालुओं ने मां सिंहासनी की पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान रहषु की पूजा-अर्चना की. इस बार यूपी-बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली के अलावा कई राज्यों से श्रद्धालु थावे मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. नारियल, चुनरी, फूल की माला के साथ श्रद्धालु मां सिंहासनी के दर्शन के लिए पहुंचे थे. मंगलवार को लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किये.
परंपरागत तरीके से चढ़ाया प्रसाद
शाम 7:30 बजते ही हथुआ राज परिवार के लोगों ने विशेष संध्या आरती के साथ महाभोग का प्रसाद परंपरागत तरीके से चढ़ाया. आपके साथ हैं रात के 10:00 बजे मंदिर का कपाट बंद हुआ. महानिशा पूजा की शुरुआत हुई. रात 12:00 बजते ही महानिशा पूजा पूरे आस्था और परंपरा के साथ की गयी. मुख्य पुजारी संजय पांडेय, मुकेश पांडेय, हरेंद्र पांडेय, सुरेश पांडेय आचार्यों ने वैदिक मित्रों के बीच मां सिंहासनी के दरबार में महानिशा पूजा को संपन्न किया. परंपरा के अनुरूप बलि चढ़ायी गयी. मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोल दिये गये. जैसे-जैसे रात बढ़ रही थी, वैसे ही भक्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही थी.
महानिशा पूजा के साथ थावे में शुरू हो गया हवन
महानिशा पूजा के साथ ही मां के दरबार में हवन भी शुरू हो गया. 10 दिनों तक दुर्गा सप्तशती, सहस्त्र चंडी, तंत्र साधना एवं अनुष्ठान में जुटे श्रद्धालुओं से लेकर गृहस्थ तक ने हवन करने का काम शुरू कर दिया. हवन बुधवार की शाम तक अनवरत जारी रहेगी. नवमी के शुभ मुहूर्त में हवन का कार्य शुरू होने से साधकों ने अपनी साधना को पूरा किया.
मां सिद्धिरात्री को चढ़ाएं खीर, हलवा, पूड़ी
आचार्य पं अमित तिवारी ने बताया कि मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली देवी हैं, जो कमल पुष्प पर विराजमान होती हैं. वे अपने हाथों में गदा, चक्र, शंख और कमल का फूल धारण करती हैं. माता को लाल चुनरी, अक्षत, फूल, माला, सिंदूर, फल, नारियल, चना, खीर, हलवा, पूड़ी आदि अर्पित करते हुए पूजन करें. मां सिद्धिदात्री को कमल का फूल चढ़ाने से वे प्रसन्न होती हैं.
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