Gopalganj News: ड्रग विभाग की 34 दिनों की जांच में बड़ा खुलासा
Gopalganj News: प्रतिबंधित ड्रग्स बेचने के आरोप में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द
Gopalganj News: (संजय कुमार) गोपालगंज शहर के बंजारी चौक स्थित मुमताज मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री के मामले में ड्रग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. 34 दिनों तक चली गहन जांच के बाद विभाग ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया है.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मेडिकल स्टोर तक नशीली दवाओं की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित भालोटिया मार्केट से की जा रही थी.
छापेमारी में हुआ था बड़े नेटवर्क का खुलासा
ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि दुकान से बरामद करीब 20 लाख रुपये मूल्य की दवाओं की खरीद से संबंधित जो रसीदें विभाग को उपलब्ध कराई गई थीं, वे जाली पाई गईं.
इसके आधार पर विभाग ने माना है कि नशीली दवाओं की सप्लाई के पीछे संगठित ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया.
अब ड्रग विभाग ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सीजेएम कोर्ट में अभियोजन दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है.
कोडिन सिरप और नॉरकोटिक इंजेक्शन की हो रही थी बिक्री
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मेडिकल स्टोर पर केवल कोडिन युक्त कफ सिरप ही नहीं, बल्कि नॉरकोटिक इंजेक्शन की भी खुलेआम बिक्री की जा रही थी.
बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर संचालक इन दवाओं को निर्धारित कीमत से तीन से चार गुना अधिक दाम पर बेच रहे थे.
एंटी एलर्जी दवा के रूप में उपयोग होने वाला एविल इंजेक्शन भी बिना डॉक्टर के पर्चे के बेचा जा रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार बड़ी संख्या में युवक इन इंजेक्शनों के जरिए नशे के आदी बन चुके हैं.
17 अप्रैल को हुई थी संयुक्त छापेमारी
शहर के बंजारी स्थित मुमताज मेडिकल स्टोर पर 17 अप्रैल को ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी.
इस दौरान दुकान से 500 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप और 875 एविल 10 एमएल इंजेक्शन बरामद किए गए थे. कार्रवाई के दौरान दुकान में दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई थी.
यह कार्रवाई एसपी विनय तिवारी को मिले गुप्त इनपुट के आधार पर की गई थी.
छापेमारी टीम में ड्रग इंस्पेक्टर अभय शंकर, मुकेश कुमार, सहायक मनोज कुमार तथा नगर थाना के एसआई मुकेश कुमार सिंह समेत पुलिस बल शामिल था.
जांच में मिले रिकॉर्ड में गड़बड़ी
ड्रग विभाग की टीम अब मेडिकल स्टोर से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है. जांच के दौरान मेडिकल स्टोर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं.
विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि दुकान से फुटकर स्तर पर नशे के आदी युवकों को ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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