Bihar News: गोपालगंज में अपराध करने वाले किशोरों के लिए बनेगा ऑब्जर्वेटरी होम, जानें क्या होता है बाल सुधार गृह

बाल सुधार गृह
Bihar News: गोपालगंज में अपराध करने वाले किशोरों के लिए ऑब्जर्वेटरी होम बनेगा. इसके लिए अफसरों ने जमीन खाली कराते हुए अवैध कब्जा हटवाया.
Bihar News: गोपालगंज सदर प्रखंड के कोन्हवा में सरकारी जमीन पर ऑब्जर्वेटरी होम बनाने का प्रस्ताव आने के साथ ही अंचल की ओर से जमीन को खाली करा दिया गया है. यहां एक एकड़ जमीन में किशोर मन को सुधारने के लिए ऑब्जर्वेटरी होम बनाया जायेगा. जमीन पर कुछ लोगों के द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था. जमीन की खाली कराने के लिए अंचल पदाधिकारी रजत वर्णवाल जेसीबी लेकर पहुंचे और अवैध कब्जा को हटवा दिया. बसडीला के सामने कोन्हवा पंचायत में पड़ने वाले इस सरकारी भूखंड के आठ बिगहा में अवैध कब्जा था. तीन साल पहले उनकी जमीन की जमाबंदी को रद्द करने के साथ ही जमीन के कब्जे को हटाने का आदेश दिया गया था. अब सीओ रजत वर्णवाल के द्वारा योगदान करने के साथ ही उसके अवैध कब्जे को हटाकर प्लॉट को खाली करा लिया गया है. इस जमीन में से एक एकड़ में ऑब्जर्वेटरी होम बनाया जायेगा. जबकि उसी प्लॉट के डेढ़ एकड़ में ड्राइविंग ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाना है. 50 डिसमिल में पंचायत सरकार भवन और बाकी जमीन में खेल मैदान बनाने पर काम शुरू हो गया है.
किशोरों के जीवन को बदलने का होगा काम
बाल सुधार गृह आमतौर पर सरकार या गैर-लाभकारी संगठनों के जरिये से संचालित किये जाते हैं. वे अपने निवासियों को कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करते हैं. जिसमें शिक्षा, परामर्श और नौकरी प्रशिक्षण जैसे अहम मुद्दे शामिल है. बाल सुधार गृहों का मकसद किशोरों को अपने जीवन को बदलने और समाज में उत्पादक सदस्य बनने में मदद करना है.
अब दूसरे जिले में जाना नहीं पड़ेगा
किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर किशोरों को बाल सुधार गृह में भेजना पड़ता है. ऐसे में गोपालगंज में बाल सुधार गृह के नहीं रहने से छपरा ले जाने व ले आने में कई बार किशोर भाग जाते हैं. अब यहां बनाने के बाद उनको बेहतर संसाधन उपलब्ध होगा.
क्या होता है बाल बाल सुधार
बाल सुधार गृह, ऐसे बच्चों को आवासीय सुविधाएं देता है जो उन किशोर लोगों के लिए होता है, जिन्होंने अपराध किया है या जो ऐसा करने के जोखिम में है. उन्हें किशोर निरोध केंद्र, युवा निरोध केंद्र या युवा सुधार गृह की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं.
क्यों किसी युवा को रखा जाता है बाल सुधार गृह में
- अपराध करने में शामिल होना
- किसी अपराध को स्वयं अंजाम देना
- अपराध करने के बाद फरार हो जाना
- घर पर नजर अंदाज और सेक्सुअल हैरासमेट में शामिल होना
- स्कूल या समुदाय में बिगड़े तेवर के साथ नशा
- अपराध के लिए युवाओं को उकसाना
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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